लोक निर्माण मंत्री ने बड़साला पुल व बसाल-नंगल सलागड़ी सड़क का किया निरीक्षण

आंगनबाड़ी सहायिका पद के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 27 जुलाई तक बढ़ाई*

पधर मार्ग पर घंटों जाम, एंबुलेंस तक फंसी, व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

पधर मार्ग पर घंटों का जाम: फोरलेन निर्माण ने बढ़ाई लोगों की परेशानी, प्रशासन से पूर्व सूचना जारी करने की मांग

एंटी चिट्टा अवेयरनेस फुटबॉल टूर्नामेंट सम्पन्न, मैजिशियन एफसी बनी विजेता

प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की के आटे को ‘हिमभोग’ ब्रांड से बाजार में उतारेंगे: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि वर्तमान राज्य सरकार प्राकृतिक खेती से उत्पादित मक्की के आटे को ‘हिमभोग’ ब्रांड के साथ बाजार में उतारेगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस ब्रांड का शुभारम्भ किया जाएगा और इसे बाजार में उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी तक वर्तमान सरकार के प्रयासांे से प्राकृतिक खेती से जुड़े 1506 किसान परिवारों से 4000 क्विंटल से अधिक मक्की की खरीद की गई है। उन्होंने कहा कि लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिलों को छोड़कर बाकी सभी जिलों से यह खरीद की गई है। उन्होंने कहा कि सोलन जिला से सर्वाधिक 1140 क्विंटल, चम्बा से 810 क्विंटल तथा मण्डी से 650 क्विंटल मक्की की खरीद की जा चुकी है। श्री सुक्खू ने कहा, ‘‘वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है। हिमाचल प्रदेश गेहूं और मक्की की सर्वाधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य है। राज्य में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों से गेहूं 40 रुपये और मक्की 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीद का कार्य शुरू हो चुका है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 35000 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती की जा रही है जिससे 1.98 लाख किसान जुड़े हैं। इन किसानों की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने डेढ़ लाख से अधिक किसानों का निःशुल्क प्रमाणीकरण भी किया है तथा इस वर्ष 36000 किसानों को प्राकृतिक खेती के साथ जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार प्राकृतिक खेती उत्पादों के लिए 10 मंडियों में आधारभूत ढांचा विकसित कर रही है ताकि उन्हें अपना उत्पाद बेचने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि कृषि को रोजगार से जोड़ना 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्टार्टअप योजना का तीसरा चरण है। श्री सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था में कृषि और बागवानी का महत्वपूर्ण योगदान है और लोगों की आर्थिकी में इसके महत्व को देखते हुए राज्य सरकार इस क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है। इसी लिए सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए अनेक कदम उठा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य सरकार सीधे तौर पर पैसा किसान के हाथों तक पहुंचाना चाहती है ताकि वे आर्थिकी रूप से सशक्त बन सकें और खेती उनकी आय का नियमित स्रोत बन सके। हमने न सिर्फ प्राकृतिक खेती के उत्पादों को समर्थन मूल्य दिया है बल्कि गाय का दूध 45 रुपये और भैंस का दूध 55 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा है। हमने मनरेगा की दिहाड़ी में ऐतिहासिक 60 रुपये की वृद्धि कर इसे 300 रुपये किया है। ये सारे प्रयास ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए किए गए हैं।’’

भाजपा और जयराम ठाकुर महिला विरोधी : जगत नेगी

मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत अनाथ बच्चों को 6.50 करोड़ रुपये जारी: डॉ. शांडिल

राज्यपाल ने की केन्द्रीय प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा

एनएचएआई के अधिकारियों के साथ मंत्री की उपस्थिति में मारपीट शर्मनाक, कार्रवाई करे सरकार : जयराम ठाकुर

खाद्य एवं आपूर्ति निगम से 20-30 करोड़ रुपये की सामग्री खरीदेगा पर्यटन विकास निगम

अमर ज्वाला //शिमला हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) के अध्यक्ष आर.एस. बाली ने आज यहां कहा कि निगम अब हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति […]

मुख्यमंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में केंडल लाइट मार्च में भाग लिया

अमर ज्वाला //शिमला मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति द्वारा 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के […]

केवल सिंह पठानिया ने शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में बागवानी परियोजनाओं की समीक्षा की

उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने आज शिमला में शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में बागवानी से संबंधित विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता […]

मंडी कटिंडी से झटिंगरी रोड के विस्तारीकरण के दौरान पेय जल आपूर्ति प्रभावित

मंडी कटिंडी से झटिंगरी रोड के विस्तारीकरण के दौरान ठेकेदार द्वारा जल शक्ति विभाग की पाइपों को बार-बार क्षतिग्रस्त करने से पेय जल आपूर्ति प्रभावित […]

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर द्वारा 25 अप्रैल, 2025 को शिमला से जारी प्रेस-वक्तव्य

अमर ज्वाला // शिमला शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर के प्रदेश सरकार द्वारा स्कूल बंद करने के बयान की आलोचना […]

पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया

अमर ज्वाला //शिमला मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश के लोगों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल, 2025 को हुए […]

कृषि क्षेत्र के विकास के लिए रिमोट सेंसिंग की भूमिका महत्त्वपूर्ण: प्रो. चन्द्र कुमार

कृषि मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार ने आज भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान, देहरादून में कृषि अधिकारियों के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान संबोधित करते हुए […]

आईआईटी मंडी ने पूरे किए उत्कृष्टता के 15 वर्ष, भव्य उत्सव की तैयारी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु भी होंगी शामिल

तैयारी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु भी होंगी शामिल राष्ट्रीय; 25 अप्रैल 2025: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी अपने शैक्षणिक, अनुसंधान और नवाचार में 15 वर्षों की उत्कृष्ट यात्रा को भव्य आयोजन के साथ मनाएगा। संस्थान के इस भव्य आयोजन की थीम “उपलब्धियों के पंद्रह वर्ष – CFA-2025″ राखी गई है। यह आयोजन आईआईटी मंडी के सुरम्य परिसर में 7 और 8 मई 2025 को आयोजित किया जाएगा। भारत की माननीय राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु इस ऐतिहासिक अवसर की गरिमा बढ़ाएंगी, जो इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी।   CFA-2025 के अंतर्गत, आईआईटी मंडी एक बहुविषयक अनुसंधान सम्मेलन का भी आयोजन कर रहा है, जिसमें आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी, उन्नत सामग्री और उद्यमिता जैसे उभरते हुए तकनीकी क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस सम्मेलन में विश्व भर के विचारशील नेताओं और शोधकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।   इस कार्यक्रम में कई लोकप्रिय वक्ता शामिल होंगे जिनमें शामिल हैं– प्रोफेसर रिचर्ड सीगल, रेंससेलर पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट, यूएसए; प्रोफेसर ओसामा खातिब, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी; प्रोफेसर रॉबर्ट विले, टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूनिख, जर्मनी; डॉ. रणधीर ठाकुर, सीईओ और एमडी, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स; डॉ. जेम्स मैकलॉघलिन, अल्स्टर यूनिवर्सिटी, यूके; प्रोफेसर गणपति रामनाथ, आरपीआई, यूएसए; प्रोफेसर अनिर्बान बंद्योपाध्याय, एनआईएमएस, जापान; प्रोफेसर फैबियन ब्रेटेनेकर, फ्रांस, सीएनआरएस; डॉ. बिक्रमजीत बसु, सीजीसीआरआई; डॉ. शांतनु चौधरी, आईआईटी दिल्ली और डॉ. उमेश वाघमारे, जेएनसीएएसआर।   इस उत्सव में मुख्य सत्र, पैनल चर्चाएं, तकनीकी प्रदर्शन, पोस्टर प्रस्तुतियां और विज्ञान, इंजीनियरिंग और नवाचार में उत्कृष्ट योगदान के लिए पुरस्कार वितरण समारोह भी शामिल होंगे। आईआईटी मंडी ने बहुत कम समय में भारत में अनुसंधान उत्कृष्टता और नवाचार का एक केंद्र बनकर उभरने में सफलता प्राप्त की है, और यह राष्ट्रीय अभियानों तथा वैश्विक ज्ञान प्रणाली में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। CFA-2025 केवल अब तक की उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि उभरती हुई तकनीकी नेतृत्व और समाज के प्रति उत्तरदायी शिक्षा की दिशा में एक सशक्त कदम भी है।

मुख्यमंत्री ने 28 अप्रैल तक बकाया देनदारियों की पहली किस्त जारी करने के निर्देश दिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां वित्त विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए 30 अप्रैल, 2025 से पहले लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग के ठेकेदारों की लंबित सभी देनदारियों को जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबित देनदारियों की पहली किस्त 28 अप्रैल से पहले और शेष राशि इस महीने की 30 अप्रैल तक जारी कर दी जाएगी। उन्होंने दोनों विभागों को बिल तैयार कर उन्हें भुगतान के लिए समय पर कोषागार में प्रस्तुत करने के लिए शीघ्रता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को विभागीय बिल हर महीने की 10 तारीख के बाद ही प्रस्तुत करने के निर्देश दिए क्योंकि राज्य को हर महीने की 10 तारीख को केंद्रीय कर प्राप्त होते हैं। विधायक सुंदर सिंह ठाकुर, मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा, प्रधान सचिव, वित्त देवेश कुमार, सचिव वित्त डॉ. अभिषेक जैन, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग एन.पी. सिंह, प्रमुख अभियंता जल शक्ति विभाग अंजू शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां वित्त विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए 30 अप्रैल, 2025 से पहले लोक निर्माण विभाग और […]