अमर ज्वाला //उदयपुर
लाहौल स्पीति की नाल्डा पंचायत में स्थानीय किसानों को अपनी फसल की सिंचाई के लिए खुद ही क्षतिग्रस्त नहर का निर्माण करना पड़ रहा है। यह नहर जल शक्ति विभाग की जिम्मेदारी है, लेकिन विभाग ने 10 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की।
*फसलों को भारी नुकसान*
नाल्डा गांव के किसानों की फसल ब्रोकली, गोभी, आलू, लिफी और आईवर्ग को पानी की कमी के कारण भारी नुकसान हो रहा है। ग्रामीण किसानों ने खुद नहर बनाने का फैसला किया और सभी ग्रामीण वासियों ने नहर बनाने का काम शुरू कर दिया है।
*विभाग की लापरवाही*
3 अगस्त को हुई बारिश में नहर क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसकी सूचना जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता और स्थानीय कर्मचारी को दे दी गई थी। लेकिन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की और न ही किसानों से संपर्क किया।
नाल्डा पंचायत के ग्रामीण किसानों ने मांग की है कि जल शक्ति विभाग जल्द से जल्द नहर का निर्माण करे और उनकी फसलों को बचाए। किसानों का कहना है कि वे अपनी फसलों को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन विभाग की लापरवाही के कारण उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं।
