***केंद्र सरकार पर उपमुख्यमंत्री का आरोप, कहा- प्रदेश की योजनाओं का निर्माण करना मुश्किल होगा
***ग्रामीण क्षेत्रों में पेय जल का नहीं लिया जा रहा बिल, शहरी क्षेत्रों में पिछले एक वर्ष बिल भी नहीं लिया जाएगा
सुभाष ठाकुर*******
हिमाचल प्रदेश के सरकार के पहले उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री शुक्रवार को मंडी में एक दिवसीय दौरे के दौरान मंडी में पत्रकारों से प्रेस वार्ता कर केंद्र सरकार पर 1200 करोड़ रूपये की देनदारी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि 2023 में हुई त्रासदी के नुकसान का 500 करोड़ स्वीकृत हुआ लेकिन जिसकी पहली किस्त 100 करोड़ रूपये 2025 में मिले ।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश को 1200 करोड़ रुपये देने हैं, लेकिन अभी तक नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि इनमें से 350 करोड़ रुपये जल जीवन मिशन की पूरी हुई योजनाओं का है, जिसे केंद्र सरकार ने अभी तक नहीं दिया है। जिसके चलते हिमाचल प्रदेश में जलजीवन मिशन की योजना का निर्माण कार्य ठेकेदारों द्वारा रोक दिया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदाओं से जल शक्ति विभाग को लगभग 4150 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। वर्ष 2023 में 2100 करोड़ रुपये, 2024 में 600 करोड़ रुपये और 2025 में 1400 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत राशि का भुगतान करना चाहिए ताकि प्रदेश की जलापूर्ति योजनाएं सुचारु रूप से चलती रहें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि वह जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत राशि का भुगतान करे।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने राज्य को भी कहा है कि प्रदेश में राज्य की अपनी स्कीमों तथा नवार्ड के पैसों से निर्मित पेय जल योजनाओं की मुरम्मत के लिए 350 से 400 करोड़ रुपये की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीन वर्षों से आई प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान को देखते हुए केंद्र सरकार का रवैया ऐसा ही रहा तो प्रदेश की योजनाओं का निर्माण करना मुश्किल होगा।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2023 में हुए नुकसान के लिए 500 से 550 करोड़ रुपये देने की बात कही है, जिसमें से पहली किश्त 100 करोड़ रुपये आई है। उन्होंने कहा कि 2024 और 2025 के नुकसान का पैसा कब आएगा, यह कहना मुश्किल है।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से एक सवालों का जबाव देते हुए कहा कि पेय जल बिलों के मामले में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से अभी कोई बिल नहीं लिया जा रहा है वहीं शहरी उपभोक्ताओं से पिछले एक साल से लंबित बिलों की वसूली नहीं की जाएगी।उन्होंने यह भी कहा की उपभोक्ताओं के पेय जल बिलों से जलशक्ति विभाग को 40 करोड़ रूपये ही मिलते हैं।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में रेल और एयर लाइनें नहीं है यहां हर रोज लगभग 5लाख लोगों को परिवहन विभाग की बसों में सफर कर उनके गंतव्य तक पहुंचती है।
उन्होंने यह भी कहा कि एचआरटीसी की बसों से धुवां भी निकलें तो लोग सोशल मिडिया में पोस्ट करते हैं।
पत्रकार वार्ता में उनके साथ पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी, पूर्व मिल्क फ्रेडेशन अध्यक्ष चेतराम ठाकुर, पूर्व जिला परिषद अध्यक्षा , जिला परिषद सदस्य चम्पा ठाकुर, नाचन से कांग्रेस पूर्व प्रत्याशी नरेश चौहान, हरिंद्र सैन, अनिल शर्मा , नगवाईं वार्ड से पार्षद योगा , व दर्जों कांग्रेस नेता व नेत्रियां शामिल रहे।
