अमर ज्वाला //मंडी
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि आपदा में सबसे अधिक नुकसान होने के बावजूद सरकार ने जश्न मनाया, जो असंवेदनशीलता का प्रतीक है । उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने आपदा पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगाने के बजाय नमक छिड़कने का काम किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च करके केंद्र और भाजपा सरकार को गालियां देना ही अपना विजन बना लिया है।
उन्होंने कहा कि करीब दस करोड़ रुपये सरकारी कोष से इस सरकार ने क्या इसलिए खर्च किया कि आपस की लड़ाई सरेआम लड़ी जाए। क्या यह पैसा आपदा पीड़ितों को नहीं बांटा जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने ही व्यवस्था परिवर्तन का नाम देने वाली इस सरकार को खुद ही नंबर दे डाले कि मुख्यमंत्री सुक्खू जी ऐसा नहीं चलेगा। आज तक हम पर्दे के पीछे सुनते आए थे लेकिन आज सरेआम मंच पर लड़ाई दिखी।
एक और बात आज हमें देखने को मिली और पूरी कांग्रेस ने भी देखी कि जिस हॉलीलोज के सहारे ये सरकार सत्ता में आई उनका न तो कोई फोटो और पोस्टर दिखा और खुद भी पूर्व अध्यक्ष प्रतिभा सिंह और उनका बेटा लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ही मौजूद नहीं थे। ये दिखाता है कि कांग्रेस में वीरभद्र सिंह कांग्रेस के लोगों को मुख्यमंत्री सुक्खू और उनके मित्र ही खत्म करने पर तुले हुए हैं।
इस रैली में लोग आए नहीं बुलाए गए थे और कर्मचारियों पर दबाव था कि सारा काम छोड़ रैली में अवश्य आना है। रैली में स्कूली बच्चों तक को जबरन बसों में बैठाया गया। आईटीआई के बच्चों को जबरन पड्डल मैदान में धकेला गया लेकिन फिर भी ये रैली असफल और विफल रही। ये रैली सिर्फ अपनी भड़ास निकालने और खुन्नस निकालने तक सीमित रही। सरकारी रैली का नाम देकर सरकारी कार्यक्रम मात्र दो मिनट में समेट दिया जबकि लोगों और योजनाओं के लाभार्थियों को ये कहकर लाया गया कि आपको पैसे दिलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए जनता तैयार बैठी है।
