हिमाचल प्रदेश के लिए केंद्र सरकार से 2,247.24 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति

अमर ज्वाला //शिमला

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज यहां कहा कि हिमाचल प्रदेश का हित उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और राज्य के सभी क्षेत्रों में संतुलित एवं समान विकास सुनिश्चित करना उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता रही है।

उन्होंने कहा कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर उन्होंने हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र सरकार के समक्ष लगातार प्रयास और मजबूती से प्रदेश का पक्ष रखा है। उन्होंने दूर-दराज और पहाड़ी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देते हुए राज्य के अधिकारों और हितों की दृढ़ता से रक्षा की है।

लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सड़क निर्माण के लिए समय पर धनराशि जारी किए जाने के मुद्दे को उन्होंने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बैठक के दौरान सशक्त रूप से उठाया। निरंतर अनुवर्तन, लगातार प्रस्तुतियों और केंद्र सरकार के साथ सक्रिय संवाद के परिणामस्वरूप, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के अंतर्गत प्रदेश के लिए 294 सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। यह परियोजनाएं कुल 1,538.058 किलोमीटर लंबाई की हैं, जिनकी कुल लागत 2,247.24 करोड़ रुपये है। इसमें से 2,019.70 करोड़ रुपये ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा प्रदान किए जाएंगे। इसकी प्रति किलोमीटर औसत लागत 146.11 लाख रुपये निर्धारित की गई है।

उन्होंने कहा कि इन सड़कों में से चार बिलासपुर, 65 चंबा, दो हमीरपुर, 12 कांगड़ा, आठ किन्नौर, 65 कुल्लू, दो लाहौल एवं स्पीति, 23 मंडी, 97 शिमला, 11 सिरमौर, तीन सोलन और दो ऊना जिला के लिए स्वीकृत की गई हैं।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पहले ही पूरी कर ली गई थीं, जो योजना और परिणामोन्मुखी शासन में उनके विश्वास को दर्शाता है। इस स्वीकृति के साथ ही हिमाचल प्रदेश में पीएमजीएसवाई-4 के कार्य औपचारिक रूप से आरंभ हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र ही मुख्य अभियंताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि हाल ही में हिमाचल प्रदेश को विभिन्न विभागों के माध्यम से केंद्र सरकार से लगभग 5,400 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं और अब लगभग 2,300 करोड़ रुपये की इस अतिरिक्त स्वीकृति के साथ केंद्रीय सहायता में और वृद्धि हुई है।

उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र से प्राप्त प्रत्येक रुपये का उपयोग पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही के साथ किया जाएगा, जिसमें सड़क उन्नयन, पुल निर्माण तथा दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स के सुधार जैसे कार्य शामिल होंगे और यह सब हिमाचल प्रदेश की जनता के हित में होगा।

लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि यह स्वीकृति हिमाचल प्रदेश की लगभग 75 लाख जनता के प्रति उनकी जवाबदेही और प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह केवल पहला चरण है और आने वाले महीनों में और परियोजनाओं की डीपीआर तैयार कर केंद्र को भेजी जाएंगी। उन्होंने कहा कि हम अपने प्रयास बिना रुके जारी रखेंगे, जब तक हिमाचल प्रदेश का हर क्षेत्र मजबूत और विश्वसनीय सड़क नेटवर्क से नहीं जुड़ जाता।

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