बरशैनी के सतपाल को मिला आत्मनिर्भरता का सहारा* 

मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना से टैक्सी स्वरोजगार की शुरुआत

अमर ज्वाला// कुल्लू

कुल्लू। जिला कुल्लू की दूरस्थ पंचायत बरशैनी के निवासी सतपाल के जीवन में मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना ने आत्मनिर्भरता की नई राह खोल दी है। आर्थिक कठिनाइयों और सीमित संसाधनों के बीच स्वरोजगार का सपना देख रहे सतपाल को हिमाचल प्रदेश सरकार ने टैक्सी खरीदने के लिये ₹2 लाख की सहायता राशि प्रदान की है।

मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत प्राप्त इस सहायता से सतपाल ने आल्टो K10 वाहन के माध्यम से टैक्सी कैब के रूप में अपना रोजगार आरंभ किया है। यह वाहन उनके लिए केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ाया गया एक सशक्त कदम है। अब सत्यपाल न केवल स्वयं को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं, बल्कि क्षेत्र में परिवहन सुविधा सुदृढ़ कर स्थानीय स्तर पर भी योगदान दे रहे हैं।

सत्यपाल भावुक स्वर में मुख्यमंत्री, सुखविंदर सिंह सुक्खू और हिमाचल प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि सरकार ने उनके उस सपने को पंख दिए, जिसे वे कभी पूरा होता देखने का साहस भी नहीं जुटा पाते थे। यह पहल उन्हें यह विश्वास दिलाती है कि मेहनत और ईमानदारी कभी व्यर्थ नहीं जाती। उन्होंने कहा कि यह सहायता उन्हें मेहनत के बल पर आगे बढ़ने का नया विश्वास देती है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना वर्ष 2023 में प्रारंभ की गई, जिसके तहत निराश्रित बच्चों और युवाओं को “चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट” का दर्जा देकर राज्य सरकार अभिभावक की भूमिका निभा रही है। इस योजना के माध्यम से शिक्षा, आवास, कौशल विकास एवं स्वरोजगार के लिए सहायता प्रदान की जा रही है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी, कुंदन लाल ने बताया कि जिला कुल्लू में वर्ष 2023 से 2025 तक इस योजना के अंतर्गत सैकड़ों बच्चों और युवाओं को लाभ पहुंचाया गया है। कुल्लू में वर्ष 2023 में 134, वर्ष 2024 में 174 तथा वर्ष 2025 में 183 लाभार्थी इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। सभी लाभार्थियों को जेब खर्च के रूप में प्रतिमाह ₹4,000 की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त जिला की 03 बाल देखभाल संस्थाओं में रह रहे 83 बच्चों को भी योजना का लाभ दिया जा रहा है।

वर्ष 2025–26 तक जिले में योजना के अंतर्गत विवाह हेतु 5, गृह निर्माण हेतु 15, उच्च शिक्षा हेतु 12, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु 6, कौशल विकास हेतु 1 तथा व्यवसाय हेतु 6 लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना आज ज़मीनी स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। बरशैनी के सत्यपाल की कहानी इस बात का सशक्त उदाहरण है कि संवेदनशील सरकारी पहल किस प्रकार आम व्यक्ति के जीवन को नई दिशा दे सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *