लडभड़ोल में खैर के पेड़ों का अवैध कटान: 5.61 लाख की काटी डीआर, फिर भी आरोपियों पर ढील से उठे सवाल

लडभड़ोल में खैर के पेड़ों का अवैध कटान: 5.61 लाख की काटी डीआर, फिर भी आरोपियों पर ढील से उठे सवाल

सुभाष ठाकुर*******

मंडी जिला के जोगिंदर नगर क्षेत्र के लडभड़ोल में खैर के पेड़ों के अवैध कटान का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस बार दर्जनों खैर के पेड़ों को अवैध रूप से काटते हुए वन विभाग ने वन कटुओं को रंगे हाथों पकड़ने का दावा किया है, लेकिन कार्रवाई को लेकर विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।

मामले को लेकर जब डीएफओ से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि प्रकरण की जांच जारी है और तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। वहीं, क्षेत्रीय वन अधिकारी मोनिका ने फोन पर पुष्टि करते हुए बताया कि 19 मार्च को अवैध कटान का मामला पकड़ा गया था और 5 लाख 61 हजार रुपये की डीआर (डैमेज रिपोर्ट) काटी गई है।

हालांकि, जब उनसे यह पूछा गया कि किन लोगों के नाम पर यह डीआर काटी गई है, तो उन्होंने नाम बताने में असमर्थता जताते हुए कहा कि वे फिलहाल कार्यालय से बाहर हैं और बाद में जानकारी देंगी।

हैरानी की बात यह है कि लडभड़ोल क्षेत्र में अवैध कटान के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं, लेकिन इस बार भी कई दिन बीत जाने के बावजूद विभाग केवल डीआर काटकर ही सीमित कार्रवाई करता नजर आ रहा है। आरोप है कि अवैध कटान करने वालों को खुला छोड़ दिया गया है, जिससे उनके हौंसले और बढ़ रहे हैं।

गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा खैर के पेड़ों के कटान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, इसके बावजूद लगातार हो रहे अवैध कटान से वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। एक ओर डीएफओ जांच की बात कर रहे हैं, तो दूसरी ओर क्षेत्रीय अधिकारी पहले ही कार्रवाई पूरी होने की बात कह रही हैं, जिससे विभागीय समन्वय पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है।

लडभड़ोल क्षेत्र का यह पहला मामला नहीं पूर्व में भी धर्मपुर क्षेत्र में अवैध लकड़ियों के मामले में विधायक के नाम का नाम भी सुर्खियां में छाया रहा। लडभड़ोल क्षेत्र में हो रहे बार बार अवैध खैर के पेड़ों का अवैध कटान  वन विभाग रोकने में असफल क्यों हो रहा है क्या वन विभाग के वन रक्षकों की मिलीभगत से अवैध कटान फ़लपुल रहा है या फिर राजनीतिक दबाव के चलते यह खैर के पेड़ों का अवैध कटान किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र में वन संपदा को भारी नुकसान हो सकता है। फिलहाल यह मामला वन विभाग की लापरवाही या संभावित मिलीभगत की ओर इशारा करता नजर आ रहा है।

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लडभड़ोल में हुए खैर के पेड़ों का अवैध कटान के मामले में सीएफ टी वेलेंटेशन ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं , जानकारी ले कर बताई जाएगी।

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