भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में हिमाचल को नहीं मिली जगह, कई राज्यों के नेताओं को जिम्मेदारियां; बड़े नेताओं को भी नहीं किया शामिल

अमर ज्वाला//शिमला/नई 

जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा जारी नई राष्ट्रीय नियुक्तियों की सूची में हिमाचल प्रदेश के किसी भी नेता को स्थान नहीं मिला है। भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में देश के अनेक राज्यों के नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय महामंत्री, राष्ट्रीय मंत्री, मोर्चा अध्यक्ष, मीडिया, सोशल मीडिया तथा अन्य संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, लेकिन हिमाचल प्रदेश का नाम इस सूची में कहीं दिखाई नहीं देता। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में हिमाचल प्रदेश से एक भी नेता को शामिल न करने से हिमाचल प्रदेश में होने वाले 2027 के विधानसभा चुनावों पर बहुत बड़ा असर देखने को मिलेगा ।

हिमाचल प्रदेश से पूर्व में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके **जगत प्रकाश नड्डा वर्तमान में केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वहीं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से पांच बार लोकसभा चुनाव जीतने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर भी राष्ट्रीय राजनीति और भाजपा संगठन का लंबा अनुभव रखते हैं। इसके बावजूद नई राष्ट्रीय टीम में हिमाचल प्रदेश से किसी भी नेता को संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं मिलना राजनीतिक चर्चाओं का विषय बन गया है।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए नेता

1. वसुंधरा राजे सिंधिया — राजस्थान

2. तीरथ सिंह रावत — उत्तराखंड

3. राम माधव — दिल्ली

4. बैजयंत जय पांडा — ओडिशा

5. डी. पुरंदेश्वरी — आंध्र प्रदेश

6. रेखा वर्मा — उत्तर प्रदेश

7. वर्षा बेन नरेंद्रभाई जोशी — गुजरात

8. डॉ. भारती प्रवीण पवार — महाराष्ट्र

9. मनजीत सिंह बादल — पंजाब

10. लाल सिंह आर्य — मध्य प्रदेश

11. प्रो. एम. नागराज — कर्नाटक

12. तारिक मंसूर — उत्तर प्रदेश

13. डॉ. षडमुख कर — पश्चिम बंगाल

राष्ट्रीय महामंत्री

बी.एल. संतोष — दिल्ली

राष्ट्रीय सह महामंत्री

शिवप्रकाश — मुंबई

सौदान सिंह — चंडीगढ़

राष्ट्रीय महामंत्री पद पर नियुक्त नेता

1. विनोद तावड़े — महाराष्ट्र

2. सुनील बंसल — दिल्ली

3. विजय कुमार देव — त्रिपुरा

4. स्मृति ईरानी — उत्तर प्रदेश

5. डॉ. सतीश पूनिया — राजस्थान

6. गजेंद्र पटेल — मध्य प्रदेश

7. हरीश द्विवेदी — उत्तर प्रदेश

8. संजय भाटिया — हरियाणा

राष्ट्रीय मंत्री

1. कविता पाटीदार — मध्य प्रदेश

2. के. सुरेंद्र — केरल

3. भोलू सिंह — उत्तर प्रदेश

4. प्रदीप वर्मा — झारखंड

5. जगदीश ईश्वरभाई पटेल — गुजरात

6. डॉ. संदीप पाठक — दिल्ली

7. फांगनोन कोन्याक — नागालैंड

8. संगीता यादव — उत्तर प्रदेश

9. अनिल एंटनी — केरल

10. डॉ. एम. वेंकटेशन — तमिलनाडु

11. मनोज टिग्गा — पश्चिम बंगाल

12. सिद्धार्थ शंभू — बिहार

13. डॉ. रविंद्र सिंह — दिल्ली

14. मृणांक देव बर्मन — असम

15. रोहन गुप्ता — गुजरात

16. जय प्रकाश — दिल्ली

अन्य महत्वपूर्ण राष्ट्रीय जिम्मेदारियां

राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष — पीयूष गोयल, महाराष्ट्र

राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष — राजेश मंगल, राजस्थान

राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी — तरुण चुघ, पंजाब

राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री — महेंद्र पांडे, उत्तराखंड

नॉर्थ ईस्ट संयोजक — डॉ. संबित पात्रा, ओडिशा

नॉर्थ ईस्ट सह-संयोजक — राजीव बब्बर, दिल्ली

प्रकोष्ठ संयोजक — विष्णु दत्त शर्मा, मध्य प्रदेश

मोर्चा अध्यक्षों को भी मिली जिम्मेदारियां

युवा मोर्चा — डॉ. हेमांग जोशी, गुजरात

महिला मोर्चा — रूप कुमारी चौधरी, छत्तीसगढ़

ओबीसी मोर्चा — अमरपाल मौर्य, उत्तर प्रदेश

किसान मोर्चा — बंसलाल गुर्जर, मध्य प्रदेश

एससी मोर्चा — रवेश कुमार राम, बिहार

एसटी मोर्चा — डॉ. मनलाल रावत, राजस्थान

अल्पसंख्यक मोर्चा — कुंवर बासित अली, उत्तर प्रदेश

मीडिया और सोशल मीडिया विभाग में भी उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और हरियाणा सहित अन्य राज्यों के नेताओं को जिम्मेदारियां दी गई हैं, लेकिन हिमाचल प्रदेश से कोई नाम सामने नहीं आया।

बॉक्स :

क्या हिमाचल भाजपा के बड़े नेता राष्ट्रीय नेतृत्व की नजरों में खरे नहीं उतरे?

भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में हिमाचल प्रदेश से एक भी नेता को स्थान न मिलना केवल नियुक्तियों का मामला नहीं है, बल्कि इसने प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और संगठनात्मक पकड़ को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या हिमाचल भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री, वर्तमान नेता प्रतिपक्ष और अन्य वरिष्ठ नेता हिमाचल से किसी नेता को राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी दिलाने में सफल नहीं हो पाए? या फिर स्वयं ये नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष की नजर में किसी नई संगठनात्मक जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त नहीं माने गए?

प्रदेश में भाजपा के पास पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर तथा अनेक वरिष्ठ और अनुभवी नेता मौजूद हैं। इसके बावजूद नई राष्ट्रीय नियुक्तियों में हिमाचल का पूरी तरह खाली रहना कई राजनीतिक सवालों को जन्म दे रहा है।

एक महत्वपूर्ण सवाल पूर्व भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष और हिमाचल से आने वाले जगत प्रकाश नड्डा की भूमिका को लेकर भी उठ रहा है। नड्डा लंबे समय तक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं और राष्ट्रीय संगठन में उनका व्यापक अनुभव रहा है। ऐसे में राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि क्या हिमाचल से किसी नेता को नई राष्ट्रीय टीम में शामिल करने के लिए पर्याप्त राजनीतिक या संगठनात्मक प्रयास किया गया था।

कुछ राजनीतिक विश्लेषक यह सवाल भी उठा रहे हैं कि  क्या हिमाचल से किसी दूसरे नेता को राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने से उसका राजनीतिक कद बढ़ सकता था, और क्या पार्टी के भीतर नेतृत्व संतुलन की कोई ऐसी रणनीति रही, जिसके चलते हिमाचल को प्रतिनिधित्व नहीं मिला?

हालांकि, यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि जगत प्रकाश नड्डा या भाजपा नेतृत्व की ओर से अब तक ऐसा कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे यह कहा जा सके कि उन्होंने जानबूझकर हिमाचल के किसी नेता को राष्ट्रीय संगठन में शामिल होने से रोका। इसलिए इस मुद्दे को राजनीतिक चर्चा और सवाल के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

लेकिन सवाल बरकरार है कि जब नई राष्ट्रीय टीम में कई राज्यों से एक से अधिक नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं, तब हिमाचल प्रदेश के हिस्से में एक भी राष्ट्रीय संगठनात्मक पद क्यों नहीं आया?

क्या हिमाचल भाजपा के बड़े नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नजरों में राष्ट्रीय जिम्मेदारी के लिए खरे नहीं उतर पाए, या फिर हिमाचल से किसी नए नेता के राष्ट्रीय स्तर पर उभरने को लेकर पार्टी की कोई अलग रणनीति है?

नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के बाद हिमाचल भाजपा में यह चर्चा आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है कि प्रदेश के बड़े नेताओं की राष्ट्रीय संगठन में वास्तविक पकड़ कितनी मजबूत है

और क्या भविष्य में हिमाचल से किसी नेता को भाजपा की राष्ट्रीय टीम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल पाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *