लाहौल क्षेत्र में 1 से 30 सितंबर तक होगी जनसंख्या गणना; 40 प्रश्नों के माध्यम से जुटाई जाएगी नागरिकों की जानकारी
अमर ज्वाला//केलांग,
शीतकालीन वाले क्षेत्रों में जनगणना-2026 के तहत जनसंख्या गणना की प्रक्रिया निर्धारित समय-सारणी के अनुसार आयोजित की जाएगी। जिला लाहौल-स्पीति के बर्फबारी वाले क्षेत्रों में जनगणना के विभिन्न चरणों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आज केलांग में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता एसडीएम केलांग कुनिका ऐकर्स ने की। इस दौरान तहसीलदार केलांग विकास कुमार, नायब तहसीलदार केलांग शेर सिंह तथा एनआईसी के डीआईओ संदीप कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। उदयपुर के नायब तहसीलदार, विनय भी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्पीति से एडीसी काजा शिखा, एसडीएम स्पीति दीक्षित राणा तथा नायब तहसीलदार स्पीति अशोक कुमार सहित पांच अधिकारी एवं कर्मचारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। प्रशिक्षण में कुल 21 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षक विकास कुमार और आशीष रस्तोगी ने जनगणना-2026 के विभिन्न चरणों, स्व-गणना प्रक्रिया, जनसंख्या गणना के दौरान एकत्र की जाने वाली जानकारी तथा डिजिटल माध्यम से आंकड़ों के संकलन के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। उन्होंने जनगणना कार्य को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार सटीक एवं प्रभावी ढंग से संपन्न करने के लिए आवश्यक सावधानियों और प्रक्रियाओं से भी प्रतिभागियों को अवगत करवाया।
जनगणना के लिए स्व-गणना का चरण 17 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक उपलब्ध रहेगा। बर्फबारी वाले क्षेत्रों के पात्र निवासी se-snowbound.census.gov.in पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
इसके उपरांत जनसंख्या गणना का मुख्य चरण 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान जनगणना कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर निर्धारित प्रपत्र के अनुसार आवश्यक जानकारी एकत्र की जाएगी।
बेघर परिवारों की गणना 30 सितंबर 2026 को की जाएगी। इसके पश्चात पुनरीक्षण चरण (Revisional Round) 1 अक्टूबर से 5 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होगा। इस दौरान छूटे हुए व्यक्तियों तथा 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 के बीच जन्मे नवजात शिशुओं को जनगणना अभिलेखों में शामिल किया जाएगा। इसी अवधि में हुई मृत्यु के मामलों को भी नियमानुसार अभिलेखों में अद्यतन किया जाएगा।
जनसंख्या गणना के दौरान कुल 40 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिन्हें आठ व्यापक श्रेणियों में विभाजित किया गया है। प्रश्न संख्या 1 से 3 के अंतर्गत मूलभूत जानकारी, 4 से 8 में आयु, वैवाहिक स्थिति एवं राष्ट्रीयता, 9 से 13 में सामाजिक विशेषताएं, 14 से 17 में भाषा एवं शिक्षा, 18 से 25 में आर्थिक गतिविधियां, 26 से 30 में प्रवास (Migration), 31 से 33 में प्रजनन संबंधी जानकारी तथा 34 से 40 में अन्य विवरण शामिल हैं।
जनगणना के दौरान एकत्र की जाने वाली समस्त जानकारी को भारत की जनगणना द्वारा विकसित Population Enumeration (PE) Mobile App के माध्यम से डिजिटल रूप से दर्ज किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों के सभी निवासियों से अपील की है कि वे जनगणना कार्य में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूर्ण सहयोग प्रदान करें तथा मांगी गई जानकारी सही एवं सटीक रूप से उपलब्ध करवाएं। प्रशासन ने कहा कि प्रत्येक नागरिक का सहयोग जनगणना-2026 की प्रक्रिया को सटीक, पारदर्शी एवं सफलतापूर्वक संपन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
