आईआईटी मंडी ने द वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में 200 स्थानों के बैंड की छलांग लगाई

पिछले वर्ष के 1001–1200 बैंड से बढ़कर वैश्विक स्तर पर 801–1000 बैंड में पहुंचा संस्थान, अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक स्थिति में महत्वपूर्ण सुधार

अमर ज्वाला//मंडी,

6 अक्टूबर 2026:* भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी (आईआईटी मंडी) ने द (टाइम्स हायर एजुकेशन) वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027* में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। संस्थान पिछले वर्ष के 1001–1200 रैंकिंग बैंड से आगे बढ़कर इस वर्ष 801–1000 के वैश्विक रैंकिंग बैंड में पहुंच गया है।

यह उपलब्धि आईआईटी मंडी के लिए एक सकारात्मक प्रगति के रूप में देखी जा रही है। संस्थान शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान में उत्कृष्टता, नवाचार, उद्योगों के साथ सहभागिता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से वैश्विक अकादमिक क्षेत्र में अपनी स्थिति को लगातार मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रहा है।

 

*THE वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027* में 118 देशों और क्षेत्रों के 2,297 विश्वविद्यालयों को शामिल किया गया है, जो अब तक की सबसे बड़ी द वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग है। वर्ष 2027 की रैंकिंग में मूल्यांकन के लिए पांच प्रमुख मानदंड निर्धारित किए गए हैं—*शिक्षण, अनुसंधान का वातावरण, अनुसंधान की गुणवत्ता, उद्योग और अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण।*

आईआईटी मंडी की वैश्विक रैंकिंग में सुधार

द वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 , 1001–1200

द वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 , 801–1000

इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए *प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा, निदेशक, आईआईटी मंडी, ने कहा, *“ द वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में आईआईटी मंडी का सुधार हमारे सभी संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, पूर्व छात्रों और सहयोगी भागीदारों के समर्पण एवं कड़ी मेहनत को दर्शाता है। हमारा निरंतर प्रयास परिवर्तनकारी शिक्षा प्रदान करने, अत्याधुनिक अनुसंधान करने और ऐसे नवाचार विकसित करने पर केंद्रित रहेगा, जो समाज के बेहतर भविष्य में योगदान दे सकें। यह उपलब्धि हमें अपने शैक्षणिक और अनुसंधान वातावरण को और बेहतर बनाने तथा भारत और विश्व के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित करेगी।”

आईआईटी मंडी आने वाले समय में भी इस दिशा में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। संस्थान अंतर्विषयक अनुसंधान, अन्य शैक्षणिक संस्थानों एवं औद्योगिक भागीदारों के साथ सहयोग तथा क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व की चुनौतियों के समाधान पर विशेष ध्यान देगा। इसके माध्यम से संस्थान के विद्यार्थी और शोधकर्ता समाज एवं देश के विकास में सार्थक योगदान देने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।

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