अमर ज्वाला //केलांग
लाहौल घाटी में स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया जा रहा है। नेपाल के विश्वप्रसिद्ध तिलगंगा आई इंस्टीट्यूट की वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ. रीता गुरुंग के नेतृत्व में पहली बार एक साथ 200 मोतियाबिंद के मरीजों की सर्जरी की जाएगी। यह नि:शुल्क सर्जरी 4 से 7 अगस्त तक केलांग अस्पताल में की जाएगी।
डॉ. री और उनके साथ विशेषज्ञों की टीम में डॉ. केपा वैद्य, डॉ. हरि कार्की, डॉ. आशीष भट्ट, सृजन भूषण और रेणुका चौधरी शामिल हैं। यह टीम लाहौल के दूरदराज इलाकों से आए मरीजों का इलाज करेगी।
इससे पहले, जिले की 32 पंचायतों में 11 दिन तक चले विशेष नेत्र जांच शिविरों में करीब 2500 लोगों की आंखों की स्क्रीनिंग की गई थी, जिनमें से 200 लोगों में मोतियाबिंद की पुष्टि हुई। इस महाअभियान को सफल बनाने में वाईडीए गरशा, कुंग फू नंज और इंटरनेशनल लिव टू लव संस्था का विशेष योगदान है।
जिला परिषद सदस्य एवं वाईडीए के सक्रिय सदस्य कुंगा बौद्ध ने जानकारी देते हुए कहा कि यह लाहौल के इतिहास में पहला मौका है, जब इतनी बड़ी संख्या में एक साथ मरीजों की आंखों की सर्जरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि घाटी में इस तरह की पहल लोगों की जिंदगी में नई रोशनी लाएगी और भविष्य में भी इस तरह के चिकित्सा शिविरों को प्रोत्साहित किया जाएगा।*डॉ. रीता गुरुंग की उपलब्धियाँ
डॉ. रीता गुरुंग तिलगंगा आई इंस्टीट्यूट ऑफ़ ऑप्थेल्मोलॉजी (नेपाल) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। उन्होंने नेपाल का पहला आई बैंक स्थापित करने में बड़ा योगदान दिया। वह अब एक करीब एक लाख आंखों के ऑपरेशन कर चुकी हैं। डॉ. रीता गुरुंग ने नेपाल में नेत्र स्वास्थ्य क्षेत्र को एक नए मुकाम तक पहुंचाया है — विशेषज्ञ सर्जरी, सिस्टम-निर्माण, प्रशिक्षण और नेतृत्व के माध्यम से।
