सुभाष ठाकुर *******
मंडी शहर में जलशक्ति विभाग की लचर कार्यप्रणाली के कारण लोगों को पेय जल सप्लाई कई दिनों तक बाधित हो रही है। विभाग के अधिकारी फोन तक नहीं उठाते हैं और उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान नहीं कर रहे हैं।
विभाग द्वारा उपभोक्ताओं से हर माह बिल नहीं लिया गया था, लेकिन अब बरसात की आपदा में जब लोगों का कामकाज ठप पड़ा हुआ है, तब विभाग द्वारा हजारों रुपये का बिल वसूला जा रहा है।
मंडी शहर की उल्ह नदी की 100 करोड़ रुपये की योजना में खुलकर भ्रष्टाचार हुआ है। नगर निगम के महापौर ने भी इस बात का जिक्र किया है कि इतनी बड़ी योजना मिट्टी के ढेर पर कैसे बिछाई गई है। जांच होनी चाहिए और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रदेश सरकार को स्वत संज्ञान लेना चाहिए और जलशक्ति विभाग के अधिकारियों पर सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए। आमजनता की समस्याओं का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है।
आमजनता मांग कर रही है कि जलशक्ति विभाग के अधिकारियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। सत्तापक्ष और विपक्ष को आमजनता की समस्याओं का समाधान करने के लिए एकजुट होना चाहिए।
