राजकीय महाविद्यालय कुल्लू के पर्यटन विभाग द्वारा लीडरशिप डेवलपमेंट कैंप -2025 का आयोजन किया। इस कैंप में 49 विद्यार्थियों ओर 3 प्राध्यापकों ने भाग लिया।

इस कैंप का नेतृत्व पर्यटन विभाग के अध्यक्ष डॉ हीरामणि ने किया। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि लीडरशिप डेवलपमेंट कैंप (LDC), मास्टर्स इन टूरिज्म (MTA) और बीए टूरिज्म के सिलेबस से संबंधित रहता है।

LDC का मुख्य उद्देश्य बच्चों को मानसिक, शारीरिक और मनोवैज्ञानिक रूप से परिपक्व करना है। इस कैंप में विद्यार्थी ट्रैकिंग, रिवर क्रॉसिंग, कैंपिंग, मैप रीडिंग, साहसिक पर्यटन से संबंधित इक्यूपमेंट की जानकारी, हाय एल्टीट्यूड सिकनेस जैसे कई विषयों के बारे में जानकारी प्राप्त करते है।

उन्होंने कहा कि इस बार के LDC कार्यक्रम का मुख्य बेस कैंप जिस्पा को बनाया गया था। कैंप के पहले दिन विद्यार्थियों ने टेंट पिचिंग, मैप रीडिंग के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण हासिल किया।

दूसरे दिन विद्यार्थीयों ने लाहुल घाटी को जांस्कर घाटी ( लद्दाख) से जोड़ने वाले शिको-ला (पास) 16580 फीट को पार कर गोनबो रंगोंन का भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने रामजक पीक, मूलकिला पीक , KR पीक ग्रुप, पालमो, समदो आदि को देखा।

तीसरे दिन विद्यार्थियों ने बारालाचा पास 16040 फीट ऊंचा, सूरजताल, दीपकताल का भ्रमण किया और आस पास के पर्वतों के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
इस संबंध में कुल्लू महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ राकेश राणा ने कहा कि इस तरह के कैंप से बच्चों के अंदर एक पॉजिटिव सोच का विकास होता है और किसी भी तरह की विपरीत परिस्थिति से कैसे बाहर निकले इसमें सहायता मिलती है।
कैंप में दिनेश कुमार, कुमारी शीला भी साथ रहे।
