सुभाष ठाकुर*******
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने लगभग 1वर्ष बाद भंग किए सुए संगठन में फिर से नियुक्तियां शुरू कर दी है । पंचायती चुनाव सिर पर आते देख पहले प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार के नाम की घोषणा की गई , शुक्रवार 2 जनवरी देर रात को 11 जिला अध्यक्षों के नामों की घोषणा कर दी है।
11 जिलों के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है, जिसमें मंडी चंपा ठाकुर और और बिलासपुर से अंजना धीमन दो महिला नेत्रियों को संगठन की मजबूती की जिला अध्यक्ष पद की कमान सौंपी गई है।
मंडी जिला हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा दूसरे नंबर का जिला है दस विधानसभा क्षेत्र वाले जिले से चंपा ठाकुर अध्यक्ष पद की कमान सौंपी गई है। चंपा ठाकुर की नियुक्ति को एक बड़ी सियासी समझ के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि उनके पिता पूर्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह मंडी जिला से संबंध रखते हैं और कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ नेता हैं , द्रंग से आठ बार विधायक रह चुके हैं प्रदेश सरकार में कई बार विभिन्न विभागों के कैबिनेट मंत्री , विधानसभा अध्यक्ष, दो बार पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष का बखूबी निर्वाह कर लम्बा राजनीतिक अनुभव रखते हैं और उनकी लोकप्रियता को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस आलाकमान ने उनकी बेटी को जिला अध्यक्ष की कमान सौंपी है। ताकि मंडी जिला से एक बार फिर से ठाकुर कौल सिंह को बेटी चंपा के साथ आगे कर पार्टी में जान फूंक कर मजबूती प्रदान कर पाए।
कांगड़ा अनुराग शर्मा, हमीरपुर से सुमन भारती शर्मा, लाहौल और स्पीति से दोरजे अंगरूप, कुल्लू से सेस राम आज़ाद , चंबा से सुरजीत कुमार भरमौरी, सिरमौर
से आनंद परमार, सोलन से सुभाष चंद वर्मानी , शिमला शहरी से इंद्रजीत सिंह , बिलासपुर से अंजना धीमान, ऊना से देशराज गौतम

*चंपा ठाकुर की राजनीतिक यात्रा*
चंपा ठाकुर एक तेजतर्रार नेत्री के रूप में जानी जाती हैं और अपने कार्यकर्ताओं के लिए प्रशासन पर तीखी टिप्पणी करने से नहीं हिचकिचाती हैं। वह मंडी जिला से दो बार विधानसभा चुनाव लड़ चुकी हैं, लेकिन उन्हें जीत नहीं मिली है। हालांकि, उन्होंने मंडी जिला परिषद की चेयरमैन के रूप में कार्य किया है और अपने विधानसभा क्षेत्र के सभी जिला परिषद वार्डों से चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक ताकत का परिचय दिया है।
*कौल सिंह की राजनीतिक विरासत*

चंपा ठाकुर की नियुक्ति को कौल सिंह की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के रूप में देखा जा रहा है, जो मंडी जिला से कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ नेता हैं। कौल सिंह की लोकप्रियता को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस आलाकमान ने उनकी बेटी को जिला अध्यक्ष की कमान सौंपी है, ताकि पार्टी को मजबूत किया जा सके।
