बिजली संशोधन विधेयक-2025 के खिलाफ स्पीती से उठी आवाज

प्रदेशभर में बिजली कर्मचारियों का पेन डाउन–टूल डाउन

अमर ज्वाला // स्पीति

बिजली कर्मचारियों व अभियंताओं की राष्ट्रीय समिति (NCCOEEE) के राष्ट्रीय आह्वान पर 12 फरवरी 2026 को पूरे प्रदेश में बिजली कर्मचारी, अभियंता और आउटसोर्स कर्मचारी सामूहिक रूप से पेन डाउन एवं टूल डाउन आंदोलन पर रहे। इसी क्रम में स्पीती के काजा में जॉइंट एक्शन कमेटी — हिमाचल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के कर्मचारी, अभियंता व पेंशनर्ज — ने भोजनावकाश के दौरान बिजली बोर्ड कार्यालयों के बाहर पेंशनर्ज और उपभोक्ताओं के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन किया।

 

प्रदर्शनकारियों ने बिजली बोर्ड के निजीकरण तथा प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक-2025 के विरोध में अतिरिक्त उपायुक्त काजा के माध्यम से हिमाचल सरकार और केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि बिजली संशोधन विधेयक-2025 को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। कर्मचारियों का आरोप है कि केंद्र सरकार इस विधेयक के जरिए बिजली कंपनियों के निजीकरण का रास्ता खोल रही है, जिसे आगामी बजट सत्र में संसद में पेश किए जाने की संभावना है।

प्रतिनिधियों ने कहा कि संशोधन के माध्यम से “प्रतिस्पर्धा” और “सशर्त व्यवस्था” के नाम पर राज्य के बिजली वितरण कार्य को निजी कंपनियों को सौंपने की तैयारी है। इससे एक राज्य में एक से अधिक वितरण कंपनियों के संचालन का प्रावधान होगा तथा क्रॉस-सब्सिडी समाप्त करने जैसे प्रावधान लागू किए जा सकते हैं, जिनका सीधा असर आम उपभोक्ताओं और राज्य की ऊर्जा व्यवस्था पर पड़ेगा।

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