अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि मेला की सांस्कृतिक संध्या में 32 देश-विदेशी दलों ने बिखेरा संस्कृति का रंग

अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि मेला की सांस्कृतिक संध्या में 32 देश-विदेशी दलों ने बिखेरा संस्कृति का रंग

अमर ज्वाला// मंडी

मंडी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि मेले की सांस्कृतिक संध्या 20 फरवरी को भव्य और ऐतिहासिक रही। इस अवसर पर देश-विदेश के कुल 32 सांस्कृतिक दलों ने भाग लेकर विविधता में एकता की अद्भुत मिसाल पेश की। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने लाल रिबन काट कर शुभारंभ किया। और देश के तिरंगे राष्ट्रीय ध्वज के साथ कार्यक्रम का संचालन किया गया।

मंडी प्रशासन द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक कार्निवल ने न केवल स्थानीय संस्कृति को मंच दिया, बल्कि विभिन्न देशों और राज्यों की लोक परंपराओं को भी एक साथ प्रस्तुत कर हिमाचल प्रदेश का नाम देश-दुनिया में रोशन किया।

देश विदेशों से पहुंचे हुए यह सभी सांस्कृतिक दलों को उपायुक्त कार्यालय से अपने अपने देशों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देते हुए झूमते दर्शकों को अपनी सांस्कृतिक कलाओं से आकृषित करते हुए यह सभी दल क्रमबद्ध सेरी मंच तक पहुंचे।

देश-विदेश और राज्यों से पहुंचे दल

सांस्कृतिक संध्या में भाग लेने वाले प्रमुख दल इस प्रकार रहे—

भारतीय राष्ट्रीय ध्वज/छत्र (लीड)

मंडाव्या कला मंच – बजंत्री एवं शिव बारात

अर्जेंटीना समूह – फायर डांस

लोटस गर्ल्स – मॉडर्न डांस

फ्रांस समूह – पारंपरिक लोक नृत्य

यूएसए समूह एवं प्रोप ड्रमर्स – डांस एवं ड्रम प्रस्तुति

श्रीलंका समूह-1 – पारंपरिक लोक नृत्य

श्रीलंका समूह-2 – पारंपरिक लोक नृत्य

रूस समूह – एलईडी डांस

अफ्रीकी महाद्वीप (तंजानिया, नाइजीरिया, घाना, जिम्बाब्वे, लाइबेरिया, स्वाज़ीलैंड, लेसोथो, कैमरून, साउथ अफ्रीका) – पारंपरिक लोक नृत्य

वेनेजुएला समूह एवं प्रोप आर्टिस्ट – पारंपरिक लोक नृत्य

दीपांजलि गर्ल्स – मॉडर्न डांस

नेपाल समूह – पारंपरिक लोक नृत्य

कजाकिस्तान समूह – पारंपरिक लोक नृत्य

कंबोडिया समूह – पारंपरिक लोक नृत्य

राजस्थान समूह – पारंपरिक लोक नृत्य

असम समूह – पारंपरिक लोक नृत्य

पंजाब समूह-1 एवं प्रोप आर्टिस्ट – भांगड़ा एवं मास्क डांस

पंजाब समूह-2 – गतका

मणिपुर समूह – पारंपरिक लोक नृत्य

गुजरात समूह – पारंपरिक लोक नृत्य

उत्तराखंड समूह – पारंपरिक लोक नृत्य

शिमला समूह – पारंपरिक लोक नृत्य

हमीरपुर समूह – पारंपरिक लोक नृत्य

कुल्लू समूह – पारंपरिक लोक नृत्य

लाहौल-स्पीति समूह – पारंपरिक लोक नृत्य

चंबा समूह – पारंपरिक लोक नृत्य

किन्नौर समूह – पारंपरिक लोक नृत्य

सिरमौर समूह – पारंपरिक लोक नृत्य

माण्डव्य फैशन शो

मंडी (5 समूह) – पारंपरिक लोक नृत्य

होमगार्ड बैंड – बैंड प्रस्तुति

सांस्कृतिक एकता का संदेश

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि मंडी की अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सांस्कृतिक समागम का वैश्विक मंच बन चुका है। विभिन्न देशों और भारतीय राज्यों के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मंडी प्रशासन की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं और समन्वय के कारण यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस भव्य सांस्कृतिक संध्या ने एक बार फिर साबित कर दिया कि हिमाचल प्रदेश सांस्कृतिक विरासत और अंतरराष्ट्रीय सौहार्द का सशक्त केंद्र है।

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