ऑपरेशन नया सवेरा: कांगड़ा पुलिस ने अंतरराज्यीय चिट्टा तस्करी नेटवर्क का किया भंडाफोड़, 19 आरोपी गिरफ्तार

अमर ज्वाला// कांगड़ा

हिमाचल प्रदेश में “चिट्टा-मुक्त हिमाचल” अभियान के तहत जिला कांगड़ा पुलिस ने अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए “ऑपरेशन नया सवेरा ” के माध्यम से एक संगठित हेरोइन (चिट्टा) तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। अभियान के दौरान अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है तथा 167.18 ग्राम हेरोइन (चिट्टा), 18 इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और एक मालवाहक वाहन बरामद किया गया है।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस नेटवर्क का संचालन पंजाब के जालंधर निवासी अभिषेक साहोता द्वारा किया जा रहा था, जिसने कांगड़ा जिले सहित विभिन्न क्षेत्रों में वितरण केंद्र स्थापित कर चिट्टा की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित कर रखी थी। तस्करी नेटवर्क मानव कूरियरों, गुप्त ड्रॉप प्वाइंट्स, वीडियो पुष्टि, गूगल मैप लोकेशन, क्यूआर कोड आधारित भुगतान प्रणाली तथा विभिन्न बैंक खातों और लोक मित्र केंद्रों के माध्यम से वित्तीय लेन-देन का उपयोग कर रहा था।

गोपनीय सूचनाओं, तकनीकी निगरानी और विस्तृत जांच के आधार पर कांगड़ा पुलिस ने हिमाचल प्रदेश, पंजाब और चंडीगढ़ में समन्वित छापेमारी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के तहत एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत कुल 23 मामले दर्ज किए गए हैं।

जांच के दौरान नेटवर्क की अग्र और पश्च कड़ियों का भी पता लगाया गया। तकनीकी साक्ष्यों और वित्तीय विश्लेषण के आधार पर 5 जून 2026 को गौरव साहोता, हनी पुत्र सोमनाथ और हनी कुमार पुत्र ऋषि कुमार** को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार हनी कुमार, 5 मार्च 2026 को चंडीगढ़ में गिरफ्तार किए गए अभिषेक साहोता का मुख्य आपूर्तिकर्ता था और नेटवर्क को लगातार हेरोइन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था।

वित्तीय जांच में पिछले एक वर्ष के दौरान लगभग 80 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है, जिनमें जनवरी 2026 से अब तक करीब **39 लाख रुपये** के लेन-देन शामिल हैं। पुलिस बैंक खातों और अन्य वित्तीय अभिलेखों की जांच कर अपराध से अर्जित आय का पता लगाने तथा एनडीपीएस अधिनियम के तहत अवैध संपत्तियों को जब्त और फ्रीज करने की कार्रवाई कर रही है।

अभियान का एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहलू यह भी रहा कि जांच के दौरान नेटवर्क से जुड़े **184 चिट्टा उपभोक्ताओं की पहचान** की गई। जिला प्रशासन के सहयोग से इन व्यक्तियों के लिए परामर्श, नशामुक्ति उपचार, पुनर्वास और अनुवर्ती सहायता कार्यक्रम शुरू किए गए हैं, ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा से पुनः जोड़ा जा सके।

हिमाचल प्रदेश पुलिस ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं से अपील की है कि चिट्टा या अन्य मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री अथवा सेवन से संबंधित किसी भी सूचना को तुरंत डायल-112 या निकटतम पुलिस थाना के साथ साझा करें। सूचना देने वाले व्यक्तियों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

पुलिस का कहना है कि माननीय मुख्यमंत्री द्वारा शुरू किए गए प्रदेशव्यापी एंटी-चिट्टा जन आंदोलन के तहत “चिट्टा-मुक्त हिमाचल” के लक्ष्य को हासिल करने के लिए तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई, वित्तीय जांच, संपत्ति जब्ती, नशामुक्ति, पुनर्वास और जन-जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेंगे।

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