उपयोगकर्ता अनुभव एवं डिज़ाइन प्रणाली पर जागरूकता एवं संवेदनशीलता कार्यशाला आयोजित

उपयोगकर्ता अनुभव एवं डिज़ाइन प्रणाली पर जागरूकता एवं संवेदनशीलता कार्यशाला आयोजित

अमर ज्वाला//शिमला

डिजिटल टेक्नोलॉजीज़ एंड गवर्नेंस विभाग (DDT&G), हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (NeGD), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार के सहयोग से 27 फरवरी 2026 को आईटी भवन, शिमला में “यूज़र एक्सपीरियंस (UX) एवं डिज़ाइन सिस्टम” विषय पर जागरूकता एवं संवेदनशीलता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह राज्य में आयोजित दूसरी ऐसी कार्यशाला थी, जिसका उद्देश्य डिजिटल शासन में उपयोगकर्ता-केंद्रित दृष्टिकोण को सुदृढ़ करना है।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में सचिव (DT&G), हिमाचल प्रदेश सरकार एवं निदेशक, DDT&G ने शिमला ज़िले के ग्राम स्तरीय उद्यमियों (VLEs) को आधार नामांकन किट एवं लैपटॉप वितरित किए, जिससे जमीनी स्तर पर डिजिटल सेवाओं की उपलब्धता और अधिक प्रभावी हो सके।

उप निदेशक (आईटी) श्री नरेंद्र कुमार ने गणमान्य अतिथियों, वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न विभागों के तकनीकी विशेषज्ञों तथा वीएलई प्रतिनिधियों का स्वागत किया। निदेशक, DDT&G डॉ. निपुण जिंदल ने मुख्य अतिथि एवं प्रतिभागियों का अभिनंदन किया। मुख्य वक्तव्य में सचिव (DT&G) श्री आशीष सिंहमार ने बेहतर सार्वजनिक सेवा वितरण के लिए यूएक्स/यूआई के महत्व तथा डिजिटल रूपांतरण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग से उप महाप्रबंधक श्री अजीत कुमार एवं उनकी टीम ने उपयोगकर्ता अनुभव के मूल सिद्धांतों, डिज़ाइन मानकों, यूएक्स ऑडिट प्रक्रियाओं एवं उपकरणों, अपनाने की रणनीतियों तथा “यूएक्स4जी (User Experience for Government Applications)” डिज़ाइन सिस्टम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत सत्र आयोजित किए। सत्रों में शासन एवं डिज़ाइन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती भूमिका पर भी चर्चा की गई।

कार्यशाला के दौरान डिज़ाइन थिंकिंग पद्धति का व्यावहारिक प्रदर्शन DDT&G वेबसाइट तथा हिमाचल प्रदेश के HPRCA पोर्टल के केस स्टडी के माध्यम से किया गया, जिसमें सार्वजनिक सेवाओं की सुगमता एवं सरकारी नौकरी आवेदन प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने पर विशेष बल दिया गया।

विभिन्न विभागों ने यूएक्स4जी डिज़ाइन सिस्टम तथा संबंधित उपकरणों को अपने कार्यप्रवाह में अपनाने में रुचि व्यक्त की। प्रतिभागियों ने भविष्य में भी इस प्रकार की कार्यशालाओं के आयोजन का अनुरोध किया, ताकि राज्य में डिजिटल सेवाओं को और अधिक नागरिक-केंद्रित, सरल एवं प्रभावी बनाया जा सके।

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