सचिव जल शक्ति ने सिंचाई योजनाओं के लिए केन्द्रीय सहायता प्रदान करने का आग्रह किया

अमर ज्वाला//मंडी 

जल शक्ति विभाग के सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने हाल ही में नई दिल्ली में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर पाटिल की अध्यक्षता में आयोजित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की प्रगति पर उच्च स्तरीय बैठक में भाग लिया।

बैठक में सचिव ने अवगत करवाया कि वर्तमान में जल शक्ति विभाग द्वारा प्रदेश में 169 सतही लघु सिंचाई योजनाओं में से 149 योजनाएं सफलतापूर्वक पूर्ण की जा चुकी है और 20 योजनाओं का काम प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि विभाग योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

सचिव ने योजनाओं को पूरा करने में आ रही चुनौतियों के बारे में भी केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाते हुए बताया कि प्रदेश का लगभग 66 प्रतिशत भाग वन क्षेत्र के अन्तर्गत आता है जिसके कारण वनाधिकार अधिनियम और वन संरक्षण अधिनियम के तहत मंज़ूरियां प्राप्त करने में समय लग जाता है। इसके अलावा प्रदेश में वर्ष 2023 और वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदा के कारण साइट की स्थितियां प्रभावित हुई है जिसके कारण योजनाओं को नये सिरे से डिज़ाइन और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया करनी पड़ी। इन आपदाओं के दौरान कुल 6 पूर्ण हो चुकी योजनाएं (111-एसएमआई और 4-एसएमआई के अंतर्गत) और 6 निर्माणाधीन योजनाएं (14-एसएमआई के अंतर्गत) बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे योजनाओं को पूरा करने की समय सीमा और बढ़ गई।

बैठक के दौरान जल शक्ति मंत्री ने सिंचाई परियोजनाओं के सकारात्मक प्रभावों की सराहना करते हुए कहा कि इन योजनाओं से न केवल लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है, बल्कि स्थानीय युवाओं को आजीविका के विश्वसनीय अवसर भी मिले हैं, जिससे रोज़गार के लिए गांवों से पलायन कम हुआ है। इससे उन्हें नकदी फसलों की खेती करने, अपनी आय बढ़ाने और विभिन्न बुराइयों से दूर रहने के लिए प्रोत्साहन मिला है।

बैठक में कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में सिंचाई योजनाओं को दीर्घावधि और टिकाऊ बनाने के लिए भौगोलिक परिस्थितियों, जोखिमों और जलवायु के अनुरूप निर्माण की लागत के मापदण्डों को बदलने का प्रस्ताव भी रखा गया जिसमें निर्माण लागत 4 लाख प्रति हैक्टेयर से 6 लाख करने का प्रस्ताव रखा। इसके अलावा एसएमआई-111, एसएमआई-14 और एसएमआई-4 के लिए 60.41 करोड़ रुपये की केन्द्रीय सहायता की स्वीकृति के साथ-साथ एमआईएस 273.78 करेाड़ रुपये के नये प्रस्तावों की मंज़ूरी के लिए भी आग्रह किया।

सचिव जल शक्ति ने पर्यावरणीय एवं आपदा सम्बन्धी चुनौतियों के दृष्टिगत मंत्रालय से प्रदेश में चल रही योजनाओं के कार्य को पूर्ण करने की सीमा बढ़ाने का भी अनुरोध किया गया।

केन्द्रीय मंत्री ने राज्य के अनुरोध पर सहानुभूति के साथ विचार करने का आश्वासन दिया। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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