हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला: 73 सरकारी स्कूलों का विलय, 20 स्कूल किए गए बंद

अमर ज्वाला//शिमला 

शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार के शिक्षा विभाग ने शिक्षा व्यवस्था में संसाधनों के बेहतर उपयोग और गुणवत्ता सुधार के उद्देश्य से बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश के 73 सरकारी प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों का नजदीकी स्कूलों में विलय कर दिया है। इसके साथ ही 20 ऐसे स्कूलों को डी-नोटिफाई (बंद) कर दिया गया है जिनमें विद्यार्थियों का नामांकन शून्य था।

शिक्षा विभाग द्वारा 10 जून 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार जिन प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या पांच या उससे कम थी, उन्हें नजदीकी स्कूलों में समाहित किया गया है। वहीं कुछ माध्यमिक विद्यालयों का भी विलय किया गया है।

मंडी जिले पर सबसे अधिक असर

विलय किए गए विद्यालयों में सबसे अधिक संख्या मंडी जिले की है। मंडी जिले के विभिन्न शिक्षा खंडों में स्थित कई प्राथमिक विद्यालयों को समीपवर्ती स्कूलों में मर्ज किया गया है। इनमें चौंतड़ा, गोपालपुर, रिवालसर, करसोग, बल्ह, औट, सलवाहन, सैगलू, निहरी और सुंदरनगर क्षेत्र के स्कूल शामिल हैं।

20 स्कूल पूरी तरह बंद

सरकार ने शून्य नामांकन वाले 20 स्कूलों को डी-नोटिफाई कर दिया है। इनमें मंडी जिले के:

GPS शैलाग (गोपालपुर-2)

GPS मगार

GPS कंगार (सलवाहन)

GPS कुफरी (सुंदरनगर-1)

GMS टिक्की (सराज-2)

सहित प्रदेश के अन्य जिलों के विद्यालय भी शामिल हैं।

सरकार का तर्क

शिक्षा विभाग का कहना है कि कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों में शिक्षकों और संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा था। स्कूलों के विलय से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं, पर्याप्त शिक्षक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सकेगी।

आदेश तत्काल प्रभाव से लागू

अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि विलय और डी-नोटिफिकेशन के बाद शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों, कार्यालय रिकॉर्ड और अन्य संसाधनों को विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार स्थानांतरित किया जाएगा। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।

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