अमर ज्वाला//शिमला,
एसजेवीएन में राजेश कुमार चंदेल ने निदेशक (परियोजनाएं) का कार्यभार संभाल लिया है। इस अवसर पर एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेन्द्र गुप्ता तथा निदेशक (कार्मिक) अजय कुमार शर्मा ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
नई दिल्ली स्थित एसजेवीएन के संपर्क कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में निदेशक (वित्त) पार्थजीत डे, मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज पोरवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
राजेश कुमार चंदेल इससे पूर्व एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के ओएसडी के रूप में कार्यरत थे। अक्टूबर 2025 से उन्होंने नेपाल स्थित एसजेवीएन की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों एसजेवीएन अरुण-3 पावर डेवलपमेंट कंपनी प्राइवेट लिमिटेड तथा एसजेवीएन लोअर अरुण पावर डेवलपमेंट कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में 900 मेगावाट अरुण-3 और 669 मेगावाट लोअर अरुण जलविद्युत परियोजनाओं का सफल नेतृत्व किया।
हाइड्रो क्षेत्र सहित विद्युत क्षेत्र में 35 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले चंदेल परियोजनाओं की अवधारणा, योजना, क्रियान्वयन, निगरानी तथा भारत, नेपाल और भूटान में अंतरराष्ट्रीय समन्वय के विशेषज्ञ माने जाते हैं। उन्होंने जटिल विद्युत परियोजनाओं के सफल निष्पादन में अपनी तकनीकी दक्षता और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया है।
इससे पहले वे भूटान में पुनात्सांगछू हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर अथॉरिटी (पीएचपीए-II) के प्रबंध निदेशक एवं सदस्य सचिव के रूप में 1020 मेगावाट पुनात्सांगछू जलविद्युत परियोजना की सफल कमीशनिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। वर्ष 2020 में परियोजना प्रमुख के रूप में उन्होंने 66 मेगावाट धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजना को अवधारणा से निर्माण चरण तक पहुंचाने में योगदान दिया।
चंदेल ने हिमाचल प्रदेश स्थित 1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन की हेड रेस टनल के निर्माण कार्य में लगभग आठ वर्षों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा उन्होंने एसजेवीएन के कॉरपोरेट मुख्यालय में विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में भी जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने वर्ष 1990 में हिमुडा से अपने करियर की शुरुआत की और 5 मई 1994 को एसजेवीएन से जुड़े।
14 सितंबर 1971 को हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के महरे गांव में जन्मे राजेश कुमार चंदेल सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक तथा बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातकोत्तर हैं। वे द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), कोलकाता के फेलो सदस्य एवं चार्टर्ड इंजीनियर भी हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा राजकीय उच्च विद्यालय, टौणी देवी (हमीरपुर) में हुई।
