सरनौहली मेला आस्था, संस्कृति और विश्वास का संगम : राजेश धर्माणी

सरनौहली मेला आस्था, संस्कृति और विश्वास का संगम : राजेश धर्माणी

अमर ज्वाला//मंडी

ऋषि पराशर की पावन तपोस्थली में आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय सरनौहली मेला मंगलवार को श्रद्धा, उत्साह और सांस्कृतिक रंगों के बीच संपन्न हो गया। समापन समारोह की अध्यक्षता नगर एवं ग्राम योजना, आवास तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने की। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी सोनिया शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

इससे पूर्व मंत्री ने ग्राम पंचायत सेगली में बनने वाले आईटीआई भवन का शिलान्यास किया। उन्होंने बताया कि इस भवन के निर्माण के लिए पांच करोड़ रुपये की धनराशि का प्रावधान किया गया है। औपचारिकताएं पूरी होते ही निर्माण कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।

पराशर पहुंचने पर मंत्री ने विधिवत पूजा-अर्चना की तथा मेले में पधारे देवी-देवताओं से प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल की संस्कृति और परंपराएं हमारी सबसे बड़ी धरोहर हैं, जिनका संरक्षण और संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

मंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वृत्त कटौला की महिलाओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप 15 हजार रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोकनृत्य नाटी में भी भाग लेकर कलाकारों और स्थानीय लोगों का उत्साहवर्धन किया।

उन्होंने कहा कि आईटीआई में नए ट्रेड आरंभ करने की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी जाएगी, ताकि क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो सकें।

समारोह को संबोधित करते हुए राजेश धर्माणी ने मेले के सफल आयोजन के लिए आयोजकों और क्षेत्रवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल की समृद्ध संस्कृति, रीति-रिवाज और लोक परंपराएं पूरे देश में अपनी अलग पहचान रखती हैं। उन्होंने पूर्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि योजनाओं के निर्माण और उन्हें धरातल पर उतारने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। नेरचौक मेडिकल कॉलेज और आईआईटी मंडी जैसी संस्थाएं उनकी दूरदर्शी सोच का परिणाम हैं।

उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों और केंद्र सरकार से अपेक्षित सहयोग न मिलने के बावजूद हिमाचल प्रदेश सरकार विकास की गति बनाए रखने में सफल रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में अनेक नई योजनाएं शुरू की गई हैं और युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन वर्षों में पूर्व भाजपा सरकार के पांच वर्षों की तुलना में डेढ़ गुना अधिक सरकारी रोजगार प्रदान किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में गांव-गांव को सड़कों से जोड़ा जा रहा है, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है तथा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान विकसित किए जा रहे हैं।

पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए मंत्री ने कहा कि हिमाचल के सुंदर पर्वतों और प्राकृतिक संसाधनों को जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से बचाना आवश्यक है। इसके लिए राजीव गांधी वन संपदा योजना के माध्यम से वनों के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से डीजल और पेट्रोल आधारित वाहनों के स्थान पर इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। राजीव गांधी स्वरोजगार योजना के तहत ई-टैक्सी खरीदने के लिए सहायता प्रदान की जा रही है तथा इलेक्ट्रिक बसों की खरीद पर 50 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध करवाया जाएगा।

उन्होंने प्रदेशवासियों से हिमाचल आने वाले पर्यटकों का आत्मीय स्वागत करने और अपनी समृद्ध संस्कृति से उन्हें परिचित कराने का आह्वान किया। साथ ही आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार ने प्रदेश की आय बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास नहीं किए और कई स्थानों पर बिना आवश्यकता के विश्राम गृह एवं हैलीपैड बनाए गए।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने भी अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री सीमित संसाधनों के बावजूद प्रदेश के विकास के लिए प्रभावी ढंग से कार्य कर रहे हैं।

ग्राम पंचायत सेगली की प्रधान धर्मा देवी ने मुख्य अतिथि के समक्ष पंचायत की विभिन्न समस्याएं रखीं और उनके शीघ्र समाधान का आग्रह किया। मंत्री ने मुख्यमंत्री से चर्चा कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर एसडीएम एवं सरनौहली मेला समिति की अध्यक्ष रूपिन्द्र कौर ने मुख्य अतिथि तथा अन्य अतिथियों का स्वागत किया। मेले में हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड, उद्यान विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, पशुपालन विभाग, कृषि विभाग तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा विभिन्न विकासात्मक प्रदर्शनियां भी लगाई गईं।

समापन समारोह में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र कुमार, एआईसीसी कोऑर्डिनेटर उदयनंद शर्मा, द्रंग कांग्रेस कमेटी के महामंत्री रतन दास ठाकुर, निदेशक तकनीकी शिक्षा रोहित राठौर, नेरचौक मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य भवानी सिंह, उपप्रधान चरण सिंह, पंचायत समिति सदस्य सुरेन्द्र एवं तलबे राम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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