‘वार्तालाप’ कार्यशाला में सूचना प्रसार, फेक न्यूज और नशा मुक्ति अभियान पर हुआ मंथन
अमर ज्वाला //मंडी,
पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), शिमला द्वारा मंडी में एक दिवसीय जिला स्तरीय मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य विषय “सूचना प्रसार में सुधार रहा। इस दौरान जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार, फेक न्यूज की चुनौती, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), आपदा प्रबंधन, महिला सशक्तिकरण, बागवानी, विरासत तथा नशा मुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
लकार्यशाला के मुख्य अतिथि मंडी के उपायुक्त अपूर्व देवगन (आईएएस) तथा विशिष्ट अतिथि पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार (आईपीएस) रहे। कार्यक्रम में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के पत्रकारों के साथ विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी एवं विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने अपने संबोधन में कहा कि पारदर्शी प्रशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सही, सटीक और समयबद्ध सूचना का प्रसार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मीडिया सरकार और जनता के बीच एक मजबूत सेतु की भूमिका निभाता है तथा ऐसे संवाद कार्यक्रम प्रशासन और मीडिया के बीच समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि सिविल सेवा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए पीआईबी विश्वसनीय जानकारी का महत्वपूर्ण स्रोत है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इसके सामर्थ्य को समझना समय की आवश्यकता है, लेकिन इसका उपयोग पूरी जिम्मेदारी और सावधानी के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि खबरों को सबसे पहले प्रकाशित करने की होड़ में तथ्यों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि जल्दबाजी कई बार सही निर्णय और सटीक सूचना देने में बाधा बन जाती है।
विशिष्ट अतिथि पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने समाज में बढ़ते नशे के दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस विभाग के ‘नशा मुक्ति अभियान’ की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने और समाज को नशामुक्त बनाने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों की भी जानकारी दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ पीआईबी शिमला के सहायक निदेशक संजीव कुमार शर्मा के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने पीआईबी की कार्यप्रणाली और ‘वार्तालाप’ कार्यक्रम के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए सरकारी एजेंसियों और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया गया।
कार्यशाला में आयोजित तकनीकी सत्रों में आईआईटी मंडी के प्रोफेसर वरुण दत्त ने फेक न्यूज की पहचान, तथ्य-जांच (फैक्ट-चेकिंग) और जिम्मेदारीपूर्वक सूचना साझा करने के तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी।
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) अजय बद्रेल ने महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए संचालित केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं तथा जिले की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
बागवानी विभाग की विषय वस्तु विशेषज्ञ पूजा गौतम ने किसानों और बागवानों के लिए संचालित योजनाओं तथा आधुनिक बागवानी तकनीकों की जानकारी साझा की। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के आपातकालीन परिचालन केंद्र के प्रभारी प्रवीण भारद्वाज ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण, त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों तथा पहाड़ी क्षेत्रों में अपनाई जा रही आधुनिक आपदा प्रबंधन तकनीकों की जानकारी दी।
प्रसिद्ध पहाड़ी लघु चित्रकार राजेश कुमार ने मंडी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विशेषकर पारंपरिक कलम चित्रकारी के इतिहास, महत्व और संरक्षण के प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
