बागवानी मंत्री ने एचपी शिवा परियोजना की समीक्षा की

मंडी, हमीरपुर एवं ऊना जिलों में कार्यों की प्रगति संतोषजनक

संबंधित क्लस्टरों में आवश्यक श्रम शक्ति की तैनाती और निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश

अमर ज्वाला //शिमला

राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आज यहां एचपी शिवा परियोजना की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में परियोजना के अधिकारियों द्वारा अवगत करवाया गया कि एचपी शिवा परियोजना के प्रथम चरण के अंतर्गत निर्धारित 3000 हेक्टेयर लक्ष्य के तहत अब तक लगभग 2612 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया जा चुका है, जिसमें से 1543 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण का कार्य पूर्ण हो चुका है। 1000 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण का कार्य जुलाई से सितंबर तक किया जाएगा। शेष क्षेत्र में कार्य जनवरी-फरवरी 2027 के दौरान पूर्ण किया जाएगा, क्योंकि इनमें से अधिकांश फसलें जैसे प्लम एवं पर्सिमन शीतकालीन मौसम में लगाए जाने वाले पौधे हैं।

परियोजना के अंतर्गत 3000 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए कुल 331 क्लस्टरों का चयन किया गया है जिससे लगभग 10,646 किसान परिवार लाभान्वित होंगे। एचपी शिवा परियोजना के द्वितीय चरण के लिए सर्वेक्षण कार्य भी प्रगति पर है। अब तक लगभग 2500 हेक्टेयर क्षेत्र की पहचान की जा चुकी है तथा 2,153 हेक्टेयर क्षेत्र में सर्वेक्षण कार्य जारी है। 1200 हेक्टेयर क्षेत्र की डीपीआर तैयार कर तकनीकी स्वीकृति के लिए एशियन विकास बैंक (एडीबी) को भेजी गई है। एडीबी से स्वीकृति प्राप्त होने के उपरांत अगस्त माह के अंतिम सप्ताह से निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

सौर बाड़बंदी, खेतों की तैयारी, ड्रिप सिंचाई तथा उठाऊ सिंचाई योजनाओं सहित विभिन्न सिविल कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की भी गई।

मंडी, हमीरपुर एवं ऊना जिलों में कार्यों की प्रगति संतोषजनक पाई गई। हालांकि सोलन, सिरमौर, बिलासपुर एवं कांगड़ा जिलों में ड्रिप सिंचाई कार्यों के निष्पादन में विलंब तथा कार्यस्थलों पर ठेकेदारों द्वारा आवश्यक श्रमशक्ति उपलब्ध न करवाए जाने के कारण प्रगति अपेक्षाकृत धीमी पाई गई। कार्यों में अपेक्षित सुधार न होने पर दो ठेकेदारों पर पेनल्टी भी लगाई गई है।

जगत सिंह नेगी ने परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए कि जब तक संबंधित क्लस्टरों में आवश्यक श्रम शक्ति की तैनाती सुनिश्चित नहीं की जाती तब तक संबंधित ठेकेदारों के सभी भुगतान रोके जाएं।

बागवानी मंत्री ने क्षेत्रीय अधिकारियों एवं परियोजना प्रबंधन इकाई को परियोजना के सभी घटकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करते हुए 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र के सभी क्लस्टरों का पूर्ण हस्तांतरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने द्वितीय चरण के कार्यों को समयबद्ध प्रारम्भ करने के लिए निविदा प्रक्रिया में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।

बैठक में बागवानी विभाग के अतिरिक्त निदेशक विद्या प्रकाश बैंस, एचपी शिवा परियोजना के निदेशक समीर राणा, उप-परियोजना निदेशक जल शक्ति विशाल जसवाल, प्रोक्योरमेंट मैनेजर मनोज शर्मा और बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर एवं ऊना जिला के उप-निदेशक उपस्थित थे।

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