संस्थागत चंदे में कमी के बाद व्यक्तिगत दान पर निर्भर संस्था, 1000 दानदाताओं से 2500 रुपये मासिक देने की अपील
अमर ज्वाला//नई दिल्ली
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने और राजनीति में धनबल तथा बाहुबल के प्रभाव को कम करने के लिए नागरिकों से आर्थिक सहयोग की अपील की है। अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर संस्था ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 जारी करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में संस्थागत स्तर पर मिलने वाले आर्थिक सहयोग में कमी आई है, जिसके कारण संस्था के कामकाज और जनजागरूकता अभियानों को जारी रखना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
एडीआर के अनुसार संस्था को अपने कार्यों को निरंतर संचालित करने के लिए प्रतिवर्ष करीब 3 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। इसके लिए संस्था ने ऐसे 1000 दानदाताओं की तलाश शुरू की है, जो प्रतिमाह 2500 रुपये का योगदान कर सकें। संस्था ने कहा है कि वह अब व्यक्तिगत दान पर अधिक निर्भर है।
एडीआर का कहना है कि उसका उद्देश्य राजनीति और चुनावों में धनबल एवं बाहुबल के प्रभाव को कम करना, राजनीतिक दलों के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना तथा भारतीय लोकतंत्र को और मजबूत करना है।
संस्था ने बताया कि नागरिक अपनी क्षमता के अनुसार प्रतिमाह 100 रुपये से भी दान शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा अब एडीआर को शेयर, प्रतिभूतियों और कर्मचारी शेयर विकल्प योजनाओं (ईएसओपी) के माध्यम से भी दान दिया जा सकता है।
एडीआर ने नागरिकों से लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के इस अभियान में निरंतर सहयोग देने की अपील की है। संस्था ने दान और अन्य जानकारी के लिए अपनी वेबसाइट पर अभियान शुरू किया है तथा संपर्क के लिए [adr@adrindia.org](mailto:adr@adrindia.org) ईमेल उपलब्ध कराया है।
एडीआर के संस्थापक सदस्य एवं अध्यक्ष प्रो. त्रिलोचन शास्त्री तथा संस्थापक सदस्य डॉ. अजित रानाडे ने नागरिकों से लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए सहयोग जारी रखने का आग्रह किया है।
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