अमर ज्वाला//मंडी,
राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के दौरान करीब 52.50 से 30 फीट ऊंची सपोर्टिंग/रिटेनिंग वॉल गिरने की घटना पर प्रो. अनुपमा सिंह ने निर्माण की गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि यह केवल दीवार गिरने की घटना नहीं, बल्कि यह जांच का विषय है कि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों और सुरक्षा प्रावधानों के अनुरूप हो रहे हैं या नहीं। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच, तकनीकी निरीक्षण और संरचनात्मक ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की।
प्रो. सिंह ने पहाड़ों की कटिंग, मलबे के कथित अवैज्ञानिक निस्तारण और जलस्रोतों के साथ-साथ स्थानीय घरों, खेतों और जमीनों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि निर्माण से प्रभावित लोगों के लिए स्पष्ट शिकायत और मुआवजा व्यवस्था होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि 28 सितंबर को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात के दौरान भी यह मुद्दा उठाया गया था। उन्होंने एनएचएआई से निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रो. सिंह ने कहा कि विकास का विरोध नहीं है, लेकिन सड़कें लोगों की जान और सुरक्षा की कीमत पर नहीं बननी चाहिए। निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और जिम्मेदारी तय होना जरूरी है।
