प्रदेश के सभी जिलों के 36 स्वास्थ्य कर्मियों ने लिया प्रशिक्षण, सटीक निदान और मलेरिया उन्मूलन पर दिया जोर
अमर ज्वाला//मंडी,
नेर चौक मंडी में स्थित लाल बहादुर शास्त्री आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं अस्पताल, के माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के सहयोग से 7 और 8 अक्टूबर को दो दिवसीय मलेरिया माइक्रोस्कोपी रिफ्रेशर प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों के तकनीकी कौशल को बेहतर बनाना और मलेरिया की सटीक पहचान सुनिश्चित करना था।
प्रशिक्षण शिविर में हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों से आए कुल 36 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान मलेरिया माइक्रोस्कोपी से जुड़े विभिन्न विषयों पर सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। साथ ही प्रशिक्षुओं को जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन (बायो वेस्ट मैनेजमेंट) के बारे में भी जागरूक किया गया।
शिविर का उद्घाटन और समापन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि सटीक निदान प्रभावी उपचार की आधारशिला है। मलेरिया की समय पर और सही पहचान से मरीजों को उचित उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। उन्होंने ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मलेरिया नियंत्रण एवं उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण बताया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. रमेश गुलेरिया, डॉ. लता चंदेल, डॉ. राजेंद्र सिंह, डॉ. अनीता कुमारी, डॉ. स्वाती शर्मा, श्री भानु प्रिया और श्रीमती तेनज़िन ने प्रशिक्षक के रूप में भूमिका निभाई।
यह प्रशिक्षण शिविर प्रदेश में मलेरिया नियंत्रण एवं उन्मूलन के प्रयासों को मजबूत करने और स्वास्थ्य संस्थानों में प्रयोगशाला जांच की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताई जा रही है।
