हिमाचल के विमानन इतिहास में नया अध्याय, दशकों के इंतजार के बाद कुल्लू पहुंचा एनसीसी का पहला माइक्रोलाइट विमान
विंग कमांडर कुनाल शर्मा के ढाई साल के प्रयासों से कुल्लू में उड़ान प्रशिक्षण सुविधा शुरू करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि**
अमर ज्वाला // कुल्लू,
हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के विमानन प्रशिक्षण के क्षेत्र में बुधवार को ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई। दशकों के इंतजार के बाद एनसीसी का पहला माइक्रोलाइट विमान कुल्लू हवाई अड्डे पर उतरा। इसके साथ ही प्रदेश में एनसीसी कैडेटों के लिए समर्पित उड़ान प्रशिक्षण सुविधा विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
विमान को 4 पंजाब एयर स्क्वाड्रन एनसीसी, लुधियाना के कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन बलजिंदर सिंह गिल और 1 हिमाचल प्रदेश एयर एनसीसी यूनिट, कुल्लू के कमांडिंग ऑफिसर विंग कमांडर कुनाल शर्मा ने उड़ाकर कुल्लू पहुंचाया।

इस उपलब्धि के पीछे विंग कमांडर कुनाल शर्मा के पिछले ढाई वर्षों के लगातार प्रयास महत्वपूर्ण रहे। उन्होंने विमान के लिए हैंगर निर्माण, वित्तीय सहायता, सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न विभागों से आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने के लिए समन्वय किया। राज्य के शिक्षा विभाग, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और जिला प्रशासन के सहयोग से आवश्यक आधारभूत ढांचे को तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
उड़ान सुविधा शुरू करने के लिए नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो, नागर विमानन महानिदेशालय, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, राज्य सरकार, जिला प्रशासन और एनसीसी अधिकारियों के बीच समन्वय किया गया। सुरक्षित उड़ान संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं भी तैयार की गईं। इनमें घाटी में उड़ान, निर्धारित मार्ग पर चक्कर लगाने और पटियाला से कुल्लू तक विमान लाने की प्रक्रिया शामिल रही। इससे पहले विमान संचालन की व्यवहार्यता परखने के लिए परीक्षण उड़ानें भी की गई थीं।
अब तक हिमाचल प्रदेश के एनसीसी कैडेटों को उड़ान प्रशिक्षण गतिविधियों में भाग लेने के लिए पटियाला जाना पड़ता था। कुल्लू में उड़ान केंद्र विकसित होने से कैडेटों को अपने ही प्रदेश में विमानन का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे युवाओं में विमानन के प्रति रुचि बढ़ने और भारतीय वायुसेना तथा नागरिक विमानन के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।
करीब तीन दशक से चली आ रही इस पहल को साकार करने में विभिन्न सरकारी विभागों और विमानन एजेंसियों का सहयोग रहा। कुल्लू में पहले एनसीसी माइक्रोलाइट विमान का पहुंचना केवल एक विमान के आगमन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हिमाचल के युवाओं के लिए विमानन प्रशिक्षण के नए अवसर खोलने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
