अमर ज्वाला की पड़ताल में नए दावे, गोल्फ खेलने से लेकर निवेशकों की रकम फंसने तक उठे सवाल
अमर ज्वाला//मंडी
आईआईटी मंडी के क्रिप्टो निवेश प्रकरण में अमर ज्वाला की पड़ताल के दौरान कई गंभीर जानकारियां सामने आई हैं। दावा है कि अनिल गौरव धोते आईआईटी मंडी के गेस्ट हाउस में करीब तीन महीने तक ठहरा और कैंपस में गोल्फ भी खेलता रहा।
संस्थान के कर्मचारियों से मिली जानकारी के अनुसार, एक फैकल्टी सदस्य के निवेश से जुड़े लेनदेन में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद धोते को गेस्ट हाउस खाली करने के लिए कम समय का नोटिस दिया गया। दावा यह भी है कि इसके बाद भी वह कैंपस में गोल्फ खेलने आता रहा, जिसके बाद प्रोफेसर विवेक तिवारी ने सुरक्षा कर्मियों को उसे प्रवेश न देने के निर्देश दिए।
आईआईटी मंडी ने अपने स्पष्टीकरण में कथित तौर पर धोते के स्टार्टअप संबंधी संपर्क का उल्लेख किया था। अब सवाल है कि यदि वह केवल स्टार्टअप सहयोग के लिए आया था, तो उसके लंबे प्रवास और कैंपस में गतिविधियों की वास्तविक स्थिति क्या थी?
सबसे गंभीर सवाल निवेशकों की रकम को लेकर है। अमर ज्वाला को मिली जानकारी के अनुसार, आईआईटी से जुड़े कुछ लोगों ने धोते की कंपनी में निवेश किया था। दावा है कि निदेशक प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा द्वारा कंपनी का सार्वजनिक प्रचार किए जाने के बाद उनके आवास पर तैनात सुरक्षा कर्मियों और चौकीदार ने भी लाखों रुपये निवेश किए।
यदि संस्थान के जिम्मेदार अधिकारियों को निवेशकों की रकम वापस न मिलने की जानकारी थी, तो पुलिस को शिकायत देने और निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए? क्या इस मामले में कोई बैठक हुई और क्या आधिकारिक शिकायत दर्ज करवाई गई?
