प्रदेश सरकार ने एमआईएस के तहत 35.68 करोड़ रुपये जारी किए

अमर ज्वाला//शिमला

हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार वर्ष 2026 के दौरान मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (एमआईएस) के तहत लगभग 16,877 बागवानों को 35.68 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। उन्होंने बताया कि निगम द्वारा 17.53 करोड़ रुपये नकद तथा 18.15 करोड़ रुपये इनपुट (एचएमओ/टीएसओ, उर्वरक, मशीनरी इत्यादि) के रूप में दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, 7,059 बागवानों से संबंधित 12.13 करोड़ रुपये के भुगतान दावों की प्रक्रिया जारी है।

उन्होंने बताया कि बागवानों के हितों की रक्षा और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत है। एचपीएमसी के निदेशक मंडल की 8 अक्तूबर, 2026 को आयोजित 222वीं बैठक में लंबित एमआईएस के अंतर्गत दावे प्रस्तुत करने के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई थी। इसका उद्देश्य दावों की प्रक्रिया को प्रस्तुत करना, निगम की वित्तीय देनदारी निर्धारित करना और भुगतान संबंधी कार्यवाही को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।

इसके अनुसार, एमआईएस-2024 एवं इससे पूर्व के वर्षों में सेब की आपूर्ति करने वाले बागवान, जिन्होंने अपने भुगतान दावे प्रस्तुत नहीं किए हैं, ने 30 अक्तूबर, 2026 तक, एमआईएस-2025 के तहत 30 बैग तक सेब की आपूर्ति करने वाले बागवान 15 नवंबर, 2026 तक तथा 31 से 100 बैग तक सेब की आपूर्ति करने वाले सभी उत्पादक, जिन्होंने अपने भुगतान दावे प्रस्तुत नहीं किए हैं, वे 30 नवंबर, 2026 तक अपने लंबित दावे जमा करवाना सुनिश्चित करें।

निगम के लंबित भुगतान दावों की प्रक्रिया को पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध बनाने के लिए सभी संबंधित शाखाओं को आवश्यक निर्देश भी जारी किए गए हैं। प्रत्येक शाखा में प्राप्त दावों और उनसे संबंधित दस्तावेजों का उचित रिकॉर्ड रखा जाएगा। इसके साथ ही, सभी लंबित दावों के लिए वरिष्ठता रजिस्टर का रख-रखाव अनिवार्य किया गया है। बागवानों से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त होते ही उनके दावे को क्रम संख्या आवंटित की जाएगी तथा संबंधित विवरण रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा, ताकि दावों का क्रमवार रिकॉर्ड सुनिश्चित किया जा सके।

इसके अलावा, शाखा स्तर पर ऐसी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे बागवानों को अविलंब सुविधाजनक सेवाएं मिल सकें।

उन्होंने कहा कि एचपीएमसी ने सभी संबंधित बागवानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखें और अपने लंबित एमआईएस भुगतान दावे आवश्यक दस्तावेजों सहित संबंधित शाखा में समय पर प्रस्तुत करें, ताकि दावों के सत्यापन एवं भुगतान की आगामी प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *