मुख्यमंत्री ने डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर के विद्यार्थियों से किया संवाद
अमर ज्वाला//शिमला
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर के विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और उनके विभिन्न प्रश्नों के उत्तर दिए। इस दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से चिकित्सा शिक्षा, आर्थिक सहायता, कॉलेज के बुनियादी ढांचे, विदेश में एक्सपोजर विजिट और पीजी सीटों की संख्या बढ़ाने सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
द्वितीय वर्ष की छात्रा बबीता ने मुख्यमंत्री से पूछा कि विद्यार्थियों को आर्थिक अभाव के कारण पढ़ाई न छोड़नी पड़े, इसके लिए राज्य सरकार क्या कदम उठा रही है? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना के अंतर्गत 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों के विद्यार्थियों को 20 लाख रुपये तक का ऋण एक प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी विद्यार्थी धन के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे। एमबीबीएस छात्र आयान चोपड़ा ने चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर को अग्रणी चिकित्सा संस्थान बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में पूछा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसके लिए आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और मेरिट आधारित बनाने के लिए नई व्यवस्था के तहत लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के अंकों को जोड़कर मेरिट सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता के आधार पर अवसर मिल सकें।
एमबीबीएस छात्रा प्रतिभा ने चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर को सुरक्षित बनाने तथा इसके आधारभूत अधोसंरचना के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों के बारे में प्रश्न किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉलेज में आधुनिक एम्फिथियेटर, ऑडिटोरियम और लाइब्रेरी का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, 300-300 विद्यार्थियों की क्षमता वाले छात्र-छात्राओं के होस्टल का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि जापान की कंपनी के सहयोग से चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर का लेआउट प्लान तैयार किया गया है। भविष्य में यहां सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक, कैंसर अस्पताल, डेंटल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने की योजना है। इसके साथ ही संस्थान में शोध गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
विद्यार्थी निशांत ने मेडिकल छात्रों को विदेश में एक्सपोजर विजिट पर भेजने के संबंध में प्रश्न किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों से पीजी और एमबीबीएस के 10-10 विद्यार्थियों का चयन लगभग पूरा हो चुका है। चयनित विद्यार्थियों को जल्द ही विदेश भेजा जाएगा, जहां वे चिकित्सा क्षेत्र की सर्वोत्तम कार्यप्रणाली का अध्ययन कर सकेंगे।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में पीजी सीटों की संख्या पहले आठ थी, जो अब बढ़कर 57 हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में पहले कुल 277 पीजी सीटें थीं। राज्य सरकार के प्रयासों से इस वर्ष 320 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध हुई हैं, जिससे प्रदेश में पीजी सीटों की कुल संख्या बढ़कर 597 हो गई है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार एमबीबीएस विद्यार्थियों की इंटर्नशिप के दौरान मिलने वाले स्टाइपेंड में वृद्धि करने पर विचार कर रही है। इसके लिए बजट में आवश्यक प्रावधान करने के प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार मेडिकल शिक्षा को सुदृढ़ बनाने, विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने और प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
