अमर ज्वाला //मंडी
मंडी नगर निगम में एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जहां सकोढी और सुकेती व्यास नदी की सफाई के लिए 3 लाख रुपये का टेंडर बिना हाउस की मंजूरी के जारी किया गया। इतना ही नहीं, फरवरी में टेंडर लगने के बाद अप्रैल में ही इस काम की पेमेंट भी कर दी गई, जबकि विकास कार्य करने वाले ठेकेदारों की पेमेंट 2 साल से नहीं हो रही है।
*मामले की जांच*
हाउस में चर्चा के बाद आयुक्त महोदय को इसकी विस्तृत जांच करने और जल्द से जल्द पार्षदों को पूरी जानकारी देने का निर्देश दिया गया है। यह काम मुकेश नाम के ठेकेदार को दिया गया था। पार्षदों को इस काम की कोई जानकारी नहीं थी, जो कि एक गंभीर मुद्दा है।
*नगर निगम में भ्रष्टाचार*
यह मामला मंडी नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करता है। इससे पहले भी नगर निगम में टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं के मामले सामने आते रहे हैं। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था, जहां नियमों को दरकिनार कर करोड़ों रुपये के टेंडर जारी किए गए थे।
*कार्रवाई की मांग*
हाउस ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम आयुक्त ने जांच करने की बात हाउस में तब कही जब पार्षदों द्वारा इसकी मांगी की गई। देखना होगा कि इस मामले में कौन-कौन से अधिकारी दोषी पाए जाते हैं और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। यह मामला नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करता है और पारदर्शिता की मांग करता है ।
