अमर ज्वाला //मंडी
हिमाचल प्रदेश के युवाओं ने जिला उपायुक्त के नाम लिखा हुआ ज्ञापन सहायक आयुक्त (उपायुक्त) एस पटियाल के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने जॉब ट्रेनी पॉलिसी को समाप्त करने और युवाओं के लिए न्यायपूर्ण एवं स्थायी रोजगार सुनिश्चित करने की मांग की है। ज्ञापन सामने वाले वह सभी युवा शामिल है जो वर्षों से सरकारी पक्की नौकरी के लिए दिन रात टेस्ट की तैयारियों में कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
युवाओं का कहना है कि जॉब ट्रेनी पॉलिसी ने उनके भविष्य को असुरक्षा और शोषण की स्थिति में धकेल दिया है। इस नीति के तहत, युवाओं को कम वेतन, बिना सामाजिक सुरक्षा और बिना स्थायित्व के वर्षों तक “प्रशिक्षु” बनाए रखा जाता है, जो कि अन्यायपूर्ण और अपमानजनक है।
ज्ञापन के माध्यम से युवाओं द्वारा मांगी हुई मुख्य मांगे जॉब ट्रेनी पॉलिसी को तुरंत समाप्त किया जाए।आउटसोर्सिंग प्रणाली को पूर्णतः बंद किया जाए और सभी भर्तियों को नियमित प्रक्रिया से किया जाए। “मित्रों” या अन्य अस्थायी पदों के स्थान पर पूर्णकालिक और नियमित नियुक्तियां की जाएं। सभी ग्रुप A, B, C के पदों को इस नीति के विरोध से जोड़कर शामिल किया जाए।
हिमाचल प्रदेश के युवाओं ने इस ज्ञापन के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री जी से अपनी मांगों को पूरा करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा है कि यह केवल TGT या JBT शिक्षकों की समस्या नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक उस योग्य युवा की समस्या है जो वर्षों से निम्नलिखित पदों के लिए मेहनत कर रहा है।
अब देखना होगा कि हिमाचल प्रदेश सरकार युवाओं की इन मांगों को पूरा करने के लिए क्या कदम उठाती है। युवाओं को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से लेगी और जल्द ही जॉब ट्रेनी पॉलिसी को समाप्त करेगी।
