सुभाष ठाकुर*******
गुरुवार को सनयार्ड के पीड़ित परिवारों ने जिला प्रशासन और नगर निगम के मेयर के साथ चर्चा की। उन्होंने बताया कि डीआईसी ऑफिस से आगे मकान पिछले दो सालों से गिर रहा है, लेकिन अभी तक नहीं गिर पाया है। इसके कारण डीआईसी दफ्तर के आगे रहने वाले लोगों को आने-जाने में बहुत समस्या आ रही है।

पीड़ित परिवारों ने बताया कि विशेष कर बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को चलने में मुश्किल पैदा हो रही है। सभी लोगों ने स्थानीय पार्षद वीरेंद्र आर्य के साथ मेयर के साथ मुलाकात की और उनसे गुजारिश की है कि जब तक इसका कोई स्थाई समाधान नहीं निकल पाता है, तब तक इस गिर रहे मकान के पीछे से अस्थाई रास्ता बनाने का प्रावधान किया जाए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले दो वर्षों से लोग इधर-उधर से भटकते हुए बाजार में अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। हालांकि जिला प्रशासन से आश्वासन मिला है कि मामला आवश्यक धनराशि के लिए सरकार को भेजा है, परंतु लोगों की समस्या का अभी तक तत्काल से कोई भी समाधान नहीं हो पाया है।
पीड़ित लोगों ने प्रशासन तथा नगर निगम से यह विनती की है कि फिलहाल आने-जाने के लिए अस्थाई रास्ते का प्रावधान किया जाए और साथ के साथ इस मकान को गिराने के लिए तथा नए सिरे से डीपीआर बनवाई जाए। इससे भविष्य में यदि पैसा मंजूर होता है, तो स्थाई रास्ते का निर्माण किया जा सकेगा। लोगों का कहना है कि इससे उनकी समस्या का समाधान होगा और वे अपने दैनिक जीवन में आसानी से चल सकेंगे।
