सुभाष ठाकुर*******
हिमाचल प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने एक बड़ा फैसला लेते हुए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) को राज्य के सभी बीएड संस्थानों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करने और संबद्धता प्रदान करने वाली एकल नोडल एजेंसी घोषित किया है। इससे सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी की भूमिका लगभग बीएड की एंट्रेंस परीक्षा लेने का अधिकार समाप्त हो गया है । जिसके कारण मध्य हिमाचल में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव इस फैसले का विरोध उठने लगा है।

सरकार के इस फैसले से विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय के भविष्य पर क्या प्रभाव पड़ेगा? क्या यह फैसला वास्तव में विद्यार्थियों के हित में है या फिर यह राजनीतिक रोटियां सेंकने का एक तरीका है? सरकार को इस फैसले के पीछे के कारणों और इसके संभावित परिणामों पर विचार करना चाहिए।
क्या यह फैसला विद्यार्थियों के हित में है
सरकार का यह फैसला विद्यार्थियों के लिए कई चुनौतियां पैदा कर सकता है, खासकर उन विद्यार्थियों के लिए जो सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी से जुड़े हुए हैं। इससे उनकी प्रवेश प्रक्रिया और भविष्य की संभावनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
सरकार को चाहिए कि वह विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस फैसले की समीक्षा करे और आवश्यक बदलाव करे। इससे विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित हो सकेगा और उन्हें बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
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मामले को लेकर सरदार पटेल विश्वविद्यालय के कुलपति ललित अवस्थी ने कहा क्या ?
सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी के कुलपति प्रो ललित अवस्थी से जब मामले की जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें मीडिया के माध्यम से ही यह जानकारी मिली है लेकिन अभी तक सरकार की कोई अधिसूचना उन तक नहीं मिली है।
कुलपति ललित अवस्थी ने कहा है कि किसी के द्वारा न्यालय में एक याचिका दायर की हुई थी उस संदर्भ में सरकार द्वारा उन से सुझाव मांगा गया था । कुलपति प्रो ललित अवस्थी ने सरकार को सुझाव देते हुए कहा था कि एक वर्ष शिमला विश्वविद्यालय को बीएड एंट्रेंस करवाने को दें तो दूसरे वर्ष सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी को एंट्रेंस परीक्षा का मौका मिलना चाहिए। लेकिन एक दम से यह निर्णय मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली लेकिन फिर भी सरदार पटेल विश्वविद्यालय के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार से मामला वार्तालाप से उठाया जाएगा।
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को बीएड संस्थानों के लिए एकल नोडल एजेंसी बनाया गया
हिमाचल प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को राज्य के सभी बी.एड. संस्थानों/पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करने और संबद्धता प्रदान करने वाली एकल नोडल एजेंसी घोषित किया है। यह निर्णय आगामी शैक्षणिक वर्ष से प्रभावी माना जाएगा।
यह कदम CWP संख्या 6780/2025 (निशांत शर्मा व अन्य बनाम हिमाचल प्रदेश सरकार व अन्य) से संबंधित एक अदालत के मामले के मद्देनजर उठाया गया है।
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन और बी.एड. संस्थानों की संबद्धता के मामले पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया है, जिसमें छात्रों के हितों को भी ध्यान में रखा गया है। सरकार ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से इस संबंध में सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने और आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
