अमर ज्वाला //मंडी
वल्लभ राजकीय महाविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा “शहीदे-आज़म भगत सिंह – एक पत्रकार के रूप में” विषय पर एक उच्च-स्तरीय एक दिवसीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में भगत सिंह के पत्रकारिता संबंधी योगदान और उनके वैचारिक संघर्ष पर विस्तार से चर्चा की गई।
संगोष्ठी के मुख्य वक्ता फ्लाइंग ऑफिसर डॉ. चमन ने भगत सिंह के पत्रकारिता संबंधी योगदान पर एक गहन और मौलिक शोध-पत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भगत सिंह ने न केवल हथियारों से बल्कि अपनी ओजस्वी लेखनी के माध्यम से भी साम्राज्यवाद, सामाजिक अन्याय और पूँजीवादी शोषण के विरुद्ध एक दुर्जेय वैचारिक संघर्ष छेड़ा।
फ्लाइंग ऑफिसर डॉ. चमन ने भगत सिंह की पत्रकारिता के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भगत सिंह ने ‘प्रताप’, ‘किरती’, ‘मतवाला’, ‘आकड़ा’ और ‘अर्जुन’ जैसे प्रतिष्ठित समाचार-पत्रों में असंख्य लेख लिखे, जिनमें वैज्ञानिक तर्क, गहरी ऐतिहासिक दृष्टि और समाज परिवर्तन की प्रखर चेतना स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है।
पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विद्यार्थियों ने भी संगोष्ठी में सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए। विभागाध्यक्ष डॉ. चमन ने कहा कि भगत सिंह की पत्रकारिता आज की पत्रकारिता के लिए निष्पक्षता और सत्यनिष्ठा का एक उच्चतम आदर्श स्थापित करती है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार ने संगोष्ठी को सफलतापूर्वक आयोजन करने के लिए पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के प्रोफेसरों व विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह की बौद्धिक संगोष्ठियों से युवा पीढ़ी भारत के महान स्वतंत्रता सेनानियों व बुद्धिजीवियों के जीवन को जानती है, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेंगे।
