वल्लभ राजकीय महाविद्यालय, मंडी में महाविद्यालय के पूर्व छात्र व एनसीसी कैडेट रह चुके आईटीबीपी के असिस्टेंट कमांडेंट सुरेंद्र पाल सिंह का बलिदान दिवस आयोजित किया गया। 

अमर ज्वाला //मंडी

बलिदान दिवस का आयोजन भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) व वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी ने के संयुक्त सहयोग से बड़े श्रद्धा और सम्मान के साथ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी के प्राचार्य डॉ संजीव कुमार ने की।

इस अवसर पर शहीद सुरेंद्र पाल सिंह गुलेरिया के परिवार से उनके पुत्र आशीष गुलेरिया, पुत्रवधू कल्पना गुलेरिया, पोती माहिरा सिंह गुलेरिया व पोता विहान सिंह गुलेरिया विशेष रूप से कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

सीमा सुरक्षा बल के डीआईजी आर के शर्मा ( सेवानिवृत्त), सीआईएसएफ के सीनियर कमांडेंट के सी शर्मा ( सेवा निवृत्त) वशिष्ठ अतिथि के रूप में शामिल रहे।

इस अवसर पर महाविद्यालय प्रशासन व राष्ट्रीय कैडेट कोर यूनिटों की तरफ से महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ संजीव कुमार व एनसीसी वायु सेना मंडी के फ्लाइट कमांडर फ्लाइंग ऑफिसर डॉ चमन ने शहीद के परिवार को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस बल की तरफ से असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर दिलीप कुमार व सब इंस्पेक्टर मुनी लाल ने सही के परिवार को स्मृति चिन्ह भेंट किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ संजीव कुमार, सीमा सुरक्षा बल के सेवानिवृत डीआई जी आरके शर्मा, फ्लाइट कमांडर फ्लाइंग ऑफिसर डॉ चमन, सीआईएसएफ के सीनियर कमांडेंट के सी शर्मा ( सेवा निवृत्त) शहीद सुरेंद्र पाल गुलेरिया के शहीदी स्मारक पर पुष्प चक्र भेंट कर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर महाविद्यालय के विद्यार्थियों व विभिन्न सैन्य बलों के अधिकारियों ने 2 मिनट का मौन रखकर शहीद को श्रद्धांजलि पेश की।

प्राचार्य डॉ संजीव कुमार ने कहा – महाविद्यालय के पूर्व छात्र व एनसीसी कैडेट रह चुके शहीद सुरेंद्र पाल सिंह ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान किया है। महाविद्यालय के पूर्व छात्रों व एनसीसी कैडेटों ने देश व दुनिया में महाविद्यालय का नाम रोशन किया है।

 

फ्लाइंग ऑफिसर डॉ. चमन ने कहा – शहीद असिस्टेंट कमांडेंट सुरेंद्र पाल सिंह, जो वर्ष 1978 में वल्लभ राजकीय महाविद्यालय, मंडी के छात्र एवं एनसीसी कैडेट रहे थे। असिस्टेंट कमांडेंट सुरेंद्र पाल सिंह ने जम्मू-कश्मीर में एक ऑपरेशन के दौरान दो आतंकवादियों को ढेर किया । ऑपरेशन के दौरान आतंकवादियों से लोहा लेते हुए 10 नवंबर 2020 को वीरगति प्राप्त की। उनका जीवन आज के विद्यार्थियों व कैडेटों लिए एक प्रेरणास्रोत है।

फ्लाइंग ऑफिसर डॉ चमन ने कहा- — “जो ड्यूटी को सर्वोच्च मान्यता देता है, वही सच्चा प्रहरी कहलाता है।”

फ्लाइंग ऑफिसर डॉ चमन ने कहा – शहीदों ने देश की एकता, अखंडता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा हेतु अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। भारत देश रन बांकुरों की भूमि है। देश के महान सपूत व परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा, कैप्टन विक्रम बत्रा व सूबेदार मेजर संजय कुमार का संबंध वीर भूमि हिमाचल प्रदेश से है। हिमालय पर्वत की चुनौतियों ने हिमाचल के युवाओं को शारीरिक व मानसिक रूप से सुदृढ़ व शक्तिशाली बनाया है।

फ्लाइंग ऑफिसर डॉ चमन ने कहा- प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपने कार्य, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा से राष्ट्र निर्माण में योगदान दे। देशभक्त शहीदों ने देश की सुरक्षा और जनता की सेवा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए हैं।

इस अवसर पर सीमा सुरक्षा बल के डीआईजी आरके शर्मा ( सेवानिवृत्ति) ने एनसीसी एयर विंग व आर्मी विंग के कैडेटों को संबोधित करते हुए कहा- ऊंचे सपनों व मक़सदों को पाने के लिए जोश जज्बा व जुनून महत्वपूर्ण है।

 

इस अवसर पर आईटीबीपी के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर मुनी लाल ने शहीद सुरेंद्र पाल सिंह की वीर गाथा कैडेटों, विद्यार्थियों एवं स्टाफ के साथ सांझा की।

शहीद सुरेंद्र पाल गुलेरिया के सुपुत्र आशीष गुलेरिया ने कार्यक्रम को गरिमा पूर्ण तरीके से आयोजित करने के लिए महाविद्यालय प्रशासन, एनसीसी व भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस बल का आभार व्यक्त किया है।

 

इस अवसर पर वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ रविंद्र कुमार, सीमा सुरक्षा बल के डीआईजी आर के शर्मा (सेवानिवृत्त), फ्लाइट कमांडर फ्लाइंग ऑफिसर डॉ चमन लाल क्रांति सिंह, केयरटेकर ऑफिसर डॉ कविता सिंह, डॉ बलबीर सिंह, सीआईएसएफ के सीनियर कमांडेंट के सी शर्मा ( सेवानिवृत) भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस के सब इंस्पेक्टर मुनीलाल, असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर दिलीप कुमार, शाहिद के परिवारजनों में शामिल आशीष गुलेरिया, कल्पना गुलरिया, माहिरा गुलेरिया, विहान गुलेरिया, अमर सिंह गुलेरिया, एक्स सर्विसमैन दीप कुमार, चुन्नीलाल, देवेंद्र पाल सिंह, इंदर सिंह, हवलदार सनी ठाकुर, एडवोकेट राकेश ठाकुर सहित एनसीसीवायु सेना विंग व आर्मी विंग यूनिटों के सैकड़ो कैडेटों ने भाग लिया।

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