अमर ज्वाला //मंडी
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में भारतीय जनता मजदूर संघ के राष्ट्रीय प्रभारी बलवंत ठाकुर ने उपायुक्त को एक पत्र लिखकर आंगनबाड़ी, आशा, आशा संगिनी और मिड डे मील वर्कर्स को श्रमिक का दर्जा देने की मांग की है। संघ का कहना है कि ये महिलाएं भारत सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं, लेकिन उन्हें स्वयंसेवी (वालंटियर) की श्रेणी में रखा गया है, जिससे वे श्रमिक कानूनों के तहत मिलने वाले अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा लाभों से वंचित हैं।
संघ ने अपने पत्र में कहा है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के अनुसार, जो व्यक्ति किसी कार्य के बदले पारिश्रमिक प्राप्त करता है, वह श्रमिक की श्रेणी में आता है। इसलिए, आंगनबाड़ी, आशा, आशा संगिनी और मिड डे मील वर्कर्स को श्रमिक का दर्जा प्रदान कर उन्हें मानदेय, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा और अन्य वैधानिक सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।ताकि उनकी कार्य परिस्थितियों में सुधार हो सके
