अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव की चौथी सांस्कृतिक संध्या में वीर नारियों व वीर माताओं को किया गया सम्मानित

अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव की चौथी सांस्कृतिक संध्या में वीर नारियों व वीर माताओं को किया गया सम्मानित

अमर ज्वाला//मंडी

अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव की चौथी सांस्कृतिक संध्या में उपायुक्त अपूर्व देवगन ने जिले की वीर नारियों और वीर माताओं को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि वीर नारियों और वीर माताओं को सम्मानित करना पूरे समाज के लिए गर्व की बात है। इन परिवारों ने अपने प्रियजनों को राष्ट्र की रक्षा के लिए समर्पित किया है और उनका त्याग सदैव स्मरणीय रहेगा।

उपायुक्त ने कहा कि वीर सपूतों की शहादत से देश की सीमाएं सुरक्षित हैं और उनके परिवारों का धैर्य व साहस नई पीढ़ी को देशभक्ति की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इन परिवारों के सम्मान और सहयोग के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।

वीर नारियों में वीर नारी चिंता देवी पत्नी 13 डोगरा रेजिमेंट के शहीद सिपाही किशन चंद, गांव द्रंग, जिन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध में सर्वोच्च बलिदान दिया। वीर नारी पुष्पा देवी पत्नी नायक धर्म सिंह, गांव जोला रत्ती, जो 26 अगस्त 1994 को जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन रक्षक के दौरान शहीद हुए। वीर नारी नेहा शर्मा पत्नी सीएफएन शहीद संदीप कुमार, गांव सरध्वार रिवालसर, जो 1 मई 2023 को 621 ईएमई बटालियन अरुणाचल में गश्त के दौरान शहीद हुए को सम्मानित किया गया।

 

वीर नारी इंद्रा देवी पत्नी शहीद राइफलमैन इंद्र सिंह, 18 असम राइफल्स, गांव पंडोह, जो 13 नवंबर 2017 को मणिपुर में अंबुश ब्लास्ट में शहीद हुए। वीर नारी सत्या देवी पत्नी नायब सूबेदार खेम सिंह, फर्स्ट पैरा स्पेशल फोर्स, वीपीओ तल्याहड़, जो 25 मार्च 2004 को अनंतनाग में ऑपरेशन रक्षक के दौरान शहीद हुए को भी सम्मानित किया गया।

 

वीर नारी सुनीता देवी पत्नी 19 ग्रेनेडियर के शहीद सिपाही शेष राम, गांव कुफरी द्रंग, जो 8 मार्च 2000 को पुंछ-राजौरी में मुठभेड़ में शहीद हुए। वीर मां निर्मला देवी माता 3 पंजाब रेजिमेंट के शहीद सिपाही हीरा सिंह, गांव पंधियू तल्याहड़, जो 30 जून 1999 को कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हुए को को सम्मानित किया गया।

 

वीर नारी नीतू देवी पत्नी 29 असम राइफल्स के शहीद भूपेंद्र कुमार, गांव सेगलागलू मौवीसेरी गोहर, जिन्होंने मणिपुर में उग्रवादियों से लोहा लेते हुए शहादत दी। वीर नारी व्यासा देवी पत्नी 6 डोगरा रेजिमेंट के हवलदार शहीद प्रकाश चंद, गांव चाऊट द्रंग, जिन्होंने 4 जून 2015 को मणिपुर में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए बलिदान दिया को सम्मानित किया गया।

 

वीर नारी मीरा देवी पत्नी 5 जैक राइफल के हवलदार शहीद तेज सिंह ठाकुर, गांव उपरली। वीर नारी ऊमा गुलेरिया पत्नी नायक शहीद नरेंद्र पाल, 167 फील्ड रेजिमेंट, गांव कैहनवाल, जो 20 अक्टूबर 1998 को जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन रक्षक के दौरान शहीद हुए को सम्मानित किया गया।

 

वीर नारी कमलेश ठाकुर पत्नी नायक शहीद पुष्पराज ठाकुर, 40 आरआर, गांव टिक्कर बल्ह, जो 11 अप्रैल 2005 को ऑपरेशन रक्षक के दौरान शहीद हुए। वीर नारी लता देवी पत्नी आरएफएन शहीद तेज सिंह, पुराना बाजार सुंदरनगर, जो 1 अक्टूबर 2001 को पूंछ में ऑपरेशन रक्षक के दौरान शहीद हुए।वीर नारी कुंता देवी पत्नी हवलदार शहीद हिम्मत राम, गांव रिवालसर, जो 17 मार्च 2007 को ऑपरेशन रक्षक के दौरान शहीद हुए को सम्मानित किया गया ।

 

वीर नारी पूरनू देवी पत्नी 8 जेएंडके राइफल के नायक शहीद गांधी राम, गांव सिरम सदर, जिन्होंने 4 मार्च 2001 को बारामूला में फिदायीन हमले के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। वीर नारी आशा कुमारी पत्नी 10 जेएंडके राइफल के राइफलमैन शहीद वेद प्रकाश, गांव लोधन कोटली सदर, जो 6 फरवरी 2004 को ऑपरेशन रक्षक के दौरान शहीद हुए।वीर नारी रंजना देवी पत्नी नायक शहीद संजीव कुमार, गांव डडोह, जिन्होंने 31 मई 2002 को सियाचिन ग्लेशियर में ऑपरेशन मेघदूत व ऑपरेशन पराक्रम के दौरान बलिदान दिया को भी सम्मानित किया गया ।

 

वीर नारी इंद्रा चौहान पत्नी 20 जैक राइफल के आरएफएन शहीद बली बहादुर चौहान, गांव तरोटू थाची बालीचौकी, जिन्होंने 20 नवंबर 1992 को सियाचिन में ऑपरेशन मेघदूत के दौरान शहादत दी। वीर नारी भानू प्रिया पत्नी 2 पैरा स्पेशल फोर्स के सूबेदार शहीद राकेश कुमार, गांव बरनोग बल्ह, जो 10 नवंबर 2024 को किश्तवाड़ में आतंकवादियों से मुठभेड़ में शहीद हुए और सेना मेडल से सम्मानित किए गए को भी सम्मानित किया गया ।

 

वीर मां अतरा देवी माता हवलदार शहीद नवल किशोर, फर्स्ट जेएंडके राइफल, गांव जलौन कोटली सदर, जिन्होंने 1 दिसंबर 2024 को सियाचिन ग्लेशियर में लाइन ऑफ ड्यूटी के दौरान मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहादत दी को भी सम्मानित किया गया ।

 

उपायुक्त ने कहा कि वीर नारियां और वीर माताएं राष्ट्र की असली धरोहर हैं। उनका सम्मान करना हम सभी का कर्तव्य है और समाज को उनके त्याग से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।

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