मंडी, शिमला और कांगड़ा जिलों में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को मिलेंगी विशेष थेरेपी, पुनर्वास और समावेशी शिक्षा की सुविधाएं
अमर ज्वाला// शिमला
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा को सुदृढ़ करने की एक महत्वपूर्ण दिशा में समग्र शिक्षा के अंतर्गत ‘थेरेपी ऑन व्हील्स’ की नवीन पहल के तहत तीन मोबाइल रिसोर्स सेंटर वाहनों को आज यहां हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह पहल समग्र शिक्षा के समावेशी शिक्षा घटक के अंतर्गत सैम्फिया फाउंडेशन के सहयोग से संचालित की जाएगी, जिसका उद्देश्य विशेष थेरेपी, पुनर्वास, विशेष शिक्षा और अन्य विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों तथा उनके परिवारों को लाभान्वित करना है। इससे विशेष रूप से ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को लाभ मिलेगा। यह पहल राज्य के कठिन भौगोलिक क्षेत्र और विशेष सेवाओं तक सीमित पहुंच के कारण उत्पन्न चुनौतियों का समाधान करने में सहायक साबित होगी।
मोबाइल रिसोर्स सेंटर के माध्यम से फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच एवं लैंग्वेज थेरेपी, विशेष शिक्षा, स्क्रीनिंग एवं आवश्यकता-आधारित मूल्यांकन, बहु-विषयक थेरेपी एवं पुनर्वास सेवाएं, परामर्श एवं अभिभावक मार्गदर्शन, कार्यात्मक क्षमताओं एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण तथा आवश्यकता पड़ने पर फॉलो-अप और रेफरल सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
यह पहल प्रारम्भिक चरण में तीन जिलों मंडी, शिमला और कांगड़ा में संचालित की जाएगी। इसके उपरांत चरणबद्ध तरीके से मोबाइल रिसोर्स सेंटर की सेवाओं का विस्तार राज्य के सभी जिलों तक किया जाएगा, जिसके माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को सुलभ थेरेपी, पुनर्वास तथा विशेष सहायता सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
‘थेरेपी ऑन व्हील्स’ पहल के माध्यम से बच्चों की शीघ्र पहचान एवं स्क्रीनिंग, मूल्यांकन, अभिभावकों की काउंसलिंग, जागरूकता तथा शिक्षकों और विशेष शिक्षकों को प्रशिक्षण की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
इस पहल से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शैक्षणिक सहभागिता, संचार कौशल, कार्यात्मक क्षमताओं, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता में सुधार होने की उम्मीद है। इससे अभिभावक और शिक्षक घर तथा विद्यालय में बच्चों को निरंतर सहयोग प्रदान करने में सक्षम बनेंगे।
इस अवसर पर समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना निदेशक राजेश शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
