अमर ज्वाला//मंडी
हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड ने पब्लिक इंटरेक्शन कार्यक्रम के तहत एक जागरूकता बैठक का आयोजन नगर निगम टाऊन हाल में किया। बैठक में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और शहर के गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
बैठक में प्रवक्ता अनुराग पाराशर ने बताया कि स्मार्ट बिजली मीटर लगाने से सब्सिडी और बिजली बिलों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर सिर्फ बिजली की खपत मापने का एक डिवाइस है और यह किसी भी तरह से टैरिफ दरों या बिलिंग नीतियों को नहीं बदलता है।
पाराशर ने कहा कि पुराने मीटरों में कभी-कभी बिल मासिक आधार पर औसत रीडिंग पर दिए जाते थे, लेकिन स्मार्ट मीटर में वास्तविक खपत को वास्तविक उपयोग के आधार पर वेरिफाई किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर में खपत का डेटा अपने आप एक सेंट्रल डेटा सेंटर में भेजा जाता है, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर ऑनलाइन सेवाएं, सटीक बिलिंग और बेहतर सुविधा मिलेगी।
बैठक में उपस्थित लोगों ने स्मार्ट मीटर से संबंधित प्रश्न पूछे, जिसका पाराशर ने उत्तर दिया। उन्होंने विद्युत बचत और विद्युत लोड को बढ़ाने पर उपभोक्ताओं को आगे आने को भी कहा।
