सुभाष ठाकुर*******
हिमाचल प्रदेश में लम्बे समय के बाद हुई बारिश और बर्फबारी जहां किसानों बागवानों तथा पर्यटन क्षेत्र को यह बर्फबारी संजीवनी के रूप में देखा जा रहा है, वहीं
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा BPL (गरीबी रेखा से नीचे) और IRDP श्रेणी में नए लाभार्थियों को शामिल करने के लिए तय की गई अंतिम तिथि के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों के सैकड़ों लोग अपने आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं कर पाए।


प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी होने के कारण तहसील, एसडीएम कार्यालयों तथा अन्य सरकारी विभागों में आवश्यक प्रमाण पत्र और दस्तावेज समय पर तैयार नहीं हो सके।
इस कारण अनेक पात्र ग्रामीण समय रहते अपने प्रार्थना पत्र जमा नहीं कर पाए, जिससे अब उनका चयन BPL और IRDP श्रेणी में होना मुश्किल हो गया है। इसका सीधा प्रभाव उन्हें मिलने वाली सरकारी सुविधाओं पर पड़ेगा, साथ ही उनकी आजीविका और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ी उम्मीदों को भी बड़ा झटका लगा है।
ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियों को देखते हुए सरकार को अंतिम तिथि में उचित विस्तार देना चाहिए। स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि आवेदन की अंतिम तिथि 15 फरवरी 2026 तक बढ़ाई जाए, ताकि बर्फबारी के कारण वंचित रह गए पात्र लोग अपने दस्तावेज पूरे कर प्रार्थना पत्र जमा कर सकें।
लोगों का मानना है कि यदि समय सीमा नहीं बढ़ाई गई, तो वास्तव में जरूरतमंद कई परिवार सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से बाहर रह जाएंगे, जो सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत होगा।
अब देखना यह होगा कि सरकार ग्रामीण जनता की इस मांग पर क्या निर्णय लेती है।
