पांगी में खौउल उत्सव का आगाज, बुरी शक्तियों को खदेड़ने के लिए मनाया जा रहा है यह त्योहार
अमर ज्वाला//चम्बा,पांगी
चंबा, हिमाचल प्रदेश – हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र पांगी में रविवार को ऐतिहासिक खौउल उत्सव का आगाज हो गया है। इस त्योहार को स्थानीय भाषा में चजगी भी कहा जाता है। पांगी के लोगों का मानना है कि सर्दियों के दिनों में घाटी में बुरी शक्तियों या राक्षसों का राज हो जाता है, और इस त्योहार के माध्यम से इन्हें अपने क्षेत्र से खदेड़ा जाता है।
पांगी के विभिन्न गांवों में लोगों ने विशेष पूजा के बाद अपने घरों से जलती हुई मशालें निकालीं, जिससे बुरी आत्माएं भाग जाती हैं। इस दौरान लोगों ने अपने पूर्वजों को भी याद कर सुख-समृद्धि की कामना की।
पांगी घाटी में इस त्योहार को अलग-अलग तारीखों में मनाया जाता है, और इसका आगाज सबसे पहले जम्मू बॉर्डर के साथ लगते पांगी के आखिरी गांव सुराल से किया जाता है।
खौउल उत्सव के ठीक 15 दिन बाद पांगी का सबसे बड़ा त्योहार जुकारू पर्व शुरू होगा, जिसका इंतजार हर पांगीवासी को साल भर रहता है। फिलहाल, खौउल के मौके पर घाटी में दावतों का दौर जारी है, और हर घर में पारंपरिक व्यंजन बनाए जा रहे हैं।
