टनल के मुख्य द्वार पर ‘गोकुल धाम’, 100 बेसहारा पशुओं को मिल रहा सुरक्षित आश्रय

अमर ज्वाला //मंडी,कीरतपुर

कीरतपुर–नेरचौक–मनाली फोरलेन परियोजना पर पशु कल्याण और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक सराहनीय पहल साकार हो चुकी है। टीहरा टनल के मुख्य द्वार पर ‘गोकुल धाम’ और गौशाला का निर्माण पूरा कर लिया गया है, जहां आवारा गाय और बैलों को सुरक्षित आश्रय प्रदान किया जा रहा है।

इस गोकुल धाम में दो अलग-अलग शैड बनाए गए हैं, जिनमें प्रत्येक शैड में 50-50 पशुओं को रखने की सुविधा उपलब्ध है। पशुओं के लिए छाया, चारा-पानी और सुरक्षित देखरेख की समुचित व्यवस्था की गई है, जिससे वे सड़कों पर भटकने के बजाय संरक्षित वातावरण में रह सकें।

कर्नल अजय सिंह

NHAI के क्षेत्रीय प्रबंधन ने जानकारी देते हुए कहा कि गौशाला के संचालन व रखरखाव का सम्पूर्ण खर्च गावर कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा वहन किया जा रहा है। यह पहल सड़क पर पशुओं की आवाजाही के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की पहल पूरे देश में NHAI द्वारा पहली बार कदम उठाया गया है ।

इस पूरे गोकुल धाम और गौशाला के संचालन व रखरखाव का सम्पूर्ण खर्च गावर कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा वहन किया जा रहा है। यह पहल सड़क पर पशुओं की आवाजाही के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था हाईवे और टनल प्रवेश द्वार के आसपास पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ यातायात को भी अधिक सुरक्षित बना रही है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने इस व्यवस्था से राहत मिलने की बात कही है।

पशु कल्याण के क्षेत्र में यह प्रयास एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में देखा जा रहा है, जिसे भविष्य में अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों और टनल क्षेत्रों में भी अपनाया जा सकता है।

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