अमर ज्वाला //केलांग
लाहौल स्पीति की शांशा पंचायत के युवा और दमखम से भरपूर प्रधान प्रशांत शर्मा को मिली बड़ी सफलता। केंद्र सरकार ने उन्हें दिन दयाल उपाध्याय राष्ट्रीय सतत् विकास पुरस्कार से सम्मानित किया है। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार ने प्रशांत शर्मा के राजनीतिक करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।

यह सम्मान पहली ही बार प्रधान चुने जाने के बाद मिला है, जिसने न सिर्फ उनके राजनीतिक कद को बढ़ाया है, बल्कि हिमाचल प्रदेश और लाहौल स्पीति जिले में उनका नाम रौशन किया है। जिला प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग और समर्थन से यह सम्मान संभव हो पाया है, जिन्होंने प्रशांत शर्मा के प्रयासों में हर कदम पर मदद की।
प्रशांत शर्मा ने इस सफलता का श्रेय अपनी पंचायत के मतदाताओं, युवाओं और महिलाओं को देते हुए कहा है कि उनकी मेहनत और समर्थन ही उनके इस मुकाम का कारण है। उन्होंने यह भी ऐलान किया है कि यह राष्ट्रीय सम्मान पूरी पंचायत वासियों तथा जिला लाहौल स्पीति की सांझा सफलता है, जिसे वह समर्पित करते हैं।

उन्होंने कहा, “यह सम्मान हमारे पंचायत वासियों, युवाओं और महिलाओं का है। मैं अपने सभी मतदाताओं, युवा मंडल और महिला मंडल का हृदय से धन्यवाद करता हूं। यह सफलता हम सबकी है और इसे मिलकर और भी ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।”
प्रशांत शर्मा ने अमर ज्वाला से वार्तालाप करते हुए कहा कि आने वाले पांच सालों में पंचायत के विभिन्न विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार कर चुका हूं। जिसे पंचायत के जन सहयोग के साथ पूरा करेंगे।
यह खबर न केवल प्रशांत शर्मा के राजनीतिक कद को बढ़ाती है, बल्कि लाहौल स्पीति के युवाओं और महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनका नाम अब हिमाचल प्रदेश की राजनीति के पटल पर और भी मजबूत हो चुका है, और आने वाले समय में उनकी राजनीतिक यात्रा और भी रंगीन होने का संकेत दे रही है।
