जब उपचुनाव में भाजपा हारी छः सीटें, तो जयराम ने क्यों नहीं दिया इस्तीफा
पंचायत चुनावों में जीत का झूठा श्रेय लेने की कोशिश, जनता ने भाजपा को नकारा
10 साल बाद चम्बा शहरी निकाय और 15 साल बाद चुवाड़ी शहरी निकाय में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष कांग्रेस के
अमर ज्वाला// शिमला
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस जैसी ज्वलंत समस्याओं से प्रदेश की जनता का ध्यान भटकाने के लिए भाजपा नेता पंचायत चुनावों में जीत का झूठा श्रेय लेकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। आज यहां एक प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की जनता महंगाई के मुद्दे पर भाजपा से जवाब मांग रही है। देश में पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडरों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे आम लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा देशवासियों से सोना-चांदी जैसी खरीदारी से परहेज करने और त्याग की अपील की जा रही है, लेकिन बढ़ती महंगाई और आवश्यक वस्तुओं के दामों पर भाजपा कोई चर्चा नहीं करती।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा प्रदेश के लोगों का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने के लिए पंचायती राज चुनावों के परिणामों को अपने पक्ष में प्रस्तुत करने का प्रयास कर रही है, जबकि प्रदेश भर में लोगों ने भाजपा को अस्वीकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव किसी भी राजनीतिक दल के चुनाव चिन्ह पर नहीं लड़े गए थे। इसके बावजूद प्रदेश की 3,754 पंचायतों में से लगभग 2,400 प्रधान और 2,600 उपप्रधान कांग्रेस विचारधारा से जुड़े उम्मीदवार निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने कहा कि शहरी निकायों के चुनाव परिणाम भी कांग्रेस के पक्ष में रहे हैं। प्रदेश की 53 शहरी स्थानीय निकायों में से 29 पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार विजयी रहे हैं। विशेष रूप से कांगड़ा जिले के छः नगर निकायों में कांग्रेस ने जीत हासिल की है, जबकि भाजपा का वहां पूरी तरह सूपड़ा साफ हो गया। मंडी जिला में भी भाजपा का सफाया हुआ है। ऐसे में भाजपा किस आधार पर अपनी जीत का दावा कर रही है, यह समझ से परे है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव किसी राजनीतिक दल के चुनाव चिन्ह पर नहीं लड़े जाते और इनमें उम्मीदवारों की व्यक्तिगत लोकप्रियता, स्थानीय मुद्दे तथा क्षेत्रीय समीकरण अधिक प्रभावी रहते हैं। इसके बावजूद भाजपा चुनाव परिणामों को राजनीतिक रंग देकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।
राजस्व मंत्री ने कहा कि इन चुनावों को सेमीफाइनल बताना पूरी तरह गलत और भ्रामक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये चुनाव न तो किसी सेमीफाइनल की तरह थे और न ही किसी क्वार्टर फाइनल की तरह। उन्होंने कहा कि जब भाजपा ने धनबल के सहारे प्रदेश की लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार को गिराने का प्रयास किया था, तब जनता ने उपचुनावों में उसे करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि नौ विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों में भाजपा को छः सीटों पर हार का मुंह देखना पड़ा था, तब नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने इस्तीफा क्यों नहीं दिया।
जगत सिंह नेगी ने कहा कि भाजपा पंचायती राज चुनावों के परिणामों को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग देकर चर्चा में बनाए रखना चाहती है, ताकि देश और प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाया जा सके। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और कांग्रेस पार्टी की सोच के कारण ही पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को आरक्षण का अधिकार मिला। इससे समाज के विभिन्न वर्गों की विकास प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित हुई और लोकतांत्रिक व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूती मिली।
उन्होंने कहा कि भाजपा को चुनावी दावों के बजाय उन मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए, जिनका सीधा असर आम लोगों और ग्रामीण विकास पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार की नीतियों के कारण पंचायत स्तर पर विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और रोजगार के अवसरों पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। केन्द्र सरकार ने मनरेगा को खत्म कर दिया है, जिससे कारण पंचायतों को विकास कार्यों के लिए पैसा नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि यदि पंचायतों के पास पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध नहीं होंगे, तो नव-निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के लिए विकास कार्यों को गति देना चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, रोजगार सृजन और जनहित से जुड़े कार्य प्रभावित हो सकते हैं। राजस्व मंत्री ने कहा कि भाजपा को इन गंभीर मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, क्योंकि पंचायतों की प्रभावी कार्यप्रणाली और ग्रामीण विकास के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध करवाना अत्यंत आवश्यक है।
10 साल बाद चम्बा और 15 साल बाद चुवाड़ी शहरी निकायों में कांग्रेस
राजस्व मंत्री ने कहा कि जिला चम्बा में हुए शहरी निकायों के चुनावों में भी कांग्रेस का प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने कहा कि दस साल के बाद चम्बा शहरी निकाय और 15 साल बाद चुवाड़ी नगर निकाय में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने कब्जा किया है।
