चौहार घाटी के आराध्य देव श्री हुरंग नारायण 8 फरवरी को निकलेंगे महाशिवरात्रि मेले के लिए, 15 को मंडी में होगा भव्य स्वागत
अमर ज्वाला // चौहार घाटी
चौहार घाटी के आराध्य देवता श्री हुरंग नारायण मंडी की अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि मेले में भाग लेने के लिए 8 फरवरी को अपने मूल मंदिर से प्रस्थान करेंगे। सदियों से चली आ रही परंपरा के अनुसार देव श्री हुरंग नारायण पारंपरिक यात्रा मार्ग से मंडी की ओर प्रस्थान करेंगे। यह जानकारी हुरंग नारायण देव कमेटी के प्रधान राजू राम , देवता के गुर संजय कुमार , पुजारी राम लाल ने दी है।
देव यात्रा के प्रथम दिन देवता भटेहड़ गांव में रात्रि ठहराव करेंगे। दूसरे दिन सियून पंचायत तथा तीसरे दिन नारला में प्रवास रहेगा। इसके उपरांत 15 फरवरी को देव श्री हुरंग नारायण मंडी सियासत काल की राजधानी रहे राज माधोराय (मंडी) पहुंचेंगे, जहां वे मंडी जनपद के इष्ट देवता से भेंट करेंगे।
मंडी आगमन के बाद देव श्री हुरंग नारायण अपनी प्राचीन स्थली पुरानी मंडी स्थित त्रिलोकीनाथ मंदिर में सात दिनों तक रात्रि ठहराव करेंगे। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि मेले की प्राचीन परंपरा के अनुसार देवता 16 फरवरी को पहली जलेब, 19 फरवरी को दूसरी जलेब तथा 22 फरवरी को मेले की अंतिम जलेब में सम्मिलित होंगे।
15 फरवरी को मंडी पहुंचने पर देव श्री हुरंग नारायण एवं उनके साथ पधारने वाले सभी देवी-देवताओं का राज माधोराय के राजमहल की दूसरी मंज़िल से पुष्प पंखुड़ियों की वर्षा कर भव्य स्वागत किया जाएगा। यह स्वागत मंडी की जनता एवं चौहार घाटी के श्रद्धालुओं द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा।
यह देव यात्रा एवं आयोजन न केवल गहरी धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि मंडी की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं देव परंपराओं को भी जीवंत करता है, जो सदियों से चली आ रही अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि मेले की विशिष्ट पहचान है।
