IIT Mandi का 17वां स्थापना दिवस: ₹120 करोड़ शोध कार्य, ₹700 करोड़ निवेश से नवाचार को नई रफ्तार
मंडी, 30 मार्च 2026: IIT Mandi ने अपना 17वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर देश-विदेश के उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं ने भाग लेते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और उभरती तकनीकों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
संस्थान आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी और एडवांस्ड मटेरियल्स जैसे क्षेत्रों में अग्रणी शोध केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है और ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के अनुरूप कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम में Kris Gopalakrishnan मुख्य अतिथि तथा Oussama Khatib विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसके अलावा Timothy Gonsalves, Ajit Kumar Chaturvedi और Vinay Kumar Pathak भी उपस्थित रहे।
संस्थान के निदेशक Laxmidhar Behera ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में 177 शोध परियोजनाओं के तहत ₹120 करोड़ से अधिक का कार्य पूरा किया गया है। साथ ही संस्थान आगामी समय में अवसंरचना विस्तार के लिए ₹700 करोड़ का अतिरिक्त निवेश करेगा।
मुख्य अतिथि क्रिस गोपालकृष्णन ने अपने संबोधन में कहा कि भारत ‘इंटेलिजेंस रिवोल्यूशन’ के दौर में है और आने वाले वर्षों में वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की अपार संभावनाएं हैं, जिसमें आईआईटी मंडी जैसे संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
इस दौरान संस्थान के संकाय, छात्रों और कर्मचारियों को शोध, शिक्षा और खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
प्रमुख उपलब्धियां:
• ₹120 करोड़ के 177 शोध प्रोजेक्ट
• ₹17 करोड़ के 200+ कंसल्टेंसी प्रोजेक्ट
• इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च और वैश्विक सहयोग में विस्तार
• नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए इन्क्यूबेशन प्रोग्राम
आईआईटी मंडी ने ‘डीप टेक’ और नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए भविष्य में और बेहतर योगदान का संकल्प लिया।
