पद्मश्री हरिमन शर्मा रहे मुख्य अतिथि, विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बांधा समां
अमर ज्वाला// मंडी
मंडी। सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी का चौथा स्थापना दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। यह अवसर विश्वविद्यालय की प्रगति, उपलब्धियों और भविष्य की दिशा को प्रतिबिंबित करता नजर आया।
समारोह के मुख्य अतिथि पद्मश्री सम्मानित हरिमन शर्मा रहे, जिन्हें ‘एप्पल मैन ऑफ हिमाचल’ के नाम से जाना जाता है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में कुलपति प्रो. ललित कुमार अवस्थी उपस्थित रहे। इसके अलावा रजिस्ट्रार शशि पाल नेगी और वित्त अधिकारी एच. एस. सैनी भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. पवन चंद, अधिष्ठाता (शैक्षणिक) के स्वागत भाषण से हुआ। अपने संबोधन में कुलपति प्रो. अवस्थी ने वर्ष 2025–26 का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि स्थापना दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि उपलब्धियों, परंपराओं और भविष्य के संकल्पों का प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का ध्येय वाक्य “न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते” है, जो ज्ञान के महत्व को दर्शाता है। वर्ष 2022 में स्थापित यह विश्वविद्यालय आज गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
कुलपति ने जानकारी दी कि विश्वविद्यालय में स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध स्तर के पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। वर्तमान में 10 स्नातकोत्तर कार्यक्रम और 6 विषयों में पीएचडी संचालित हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत मल्टीपल एंट्री-एग्जिट और अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट प्रणाली भी लागू की गई है।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने 2.30 करोड़ रुपये से अधिक की शोध परियोजनाएं प्राप्त की हैं, 25 से अधिक शोध पत्र और 8 पुस्तकें प्रकाशित की हैं, साथ ही एक पेटेंट भी हासिल किया है। इसके अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, राष्ट्रीय संगोष्ठियां और कार्यशालाएं भी आयोजित की गईं।
विशेष उपलब्धियों में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की स्थापना, 15 संस्थानों के साथ एमओयू, पूर्व छात्र संघ का गठन और “मंडी दर्शन” ऐप का शुभारंभ शामिल हैं। साथ ही सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया।
मुख्य अतिथि हरिमन शर्मा ने विश्वविद्यालय द्वारा हिमाचल प्रदेश के मध्य क्षेत्र में उच्च शिक्षा को सुलभ बनाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अनुभव साझा करते हुए परिश्रम, नवाचार और व्यावहारिक ज्ञान अपनाने का संदेश दिया तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर UGC NET एवं JRF जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफल विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम, विशेषकर हिमाचली लोकनृत्य नाटी, आकर्षण का केंद्र रहा।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. गौरव कपूर ने किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के विभिन्न डीन, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य, कर्मचारी, मीडिया प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
अंत में रजिस्ट्रार शशि पाल नेगी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। समारोह के उपरांत पारंपरिक मंडयाली धाम का आयोजन किया गया, जिसने कार्यक्रम को सांस्कृतिक और आत्मीय स्पर्श प्रदान किया।
