सुभाष ठाकुर*******
मंडी स्थित वल्लभ कॉलेज के बीएड पाठ्यक्रम से जुड़े मामले में आज न्यायालय से महत्वपूर्ण राहत मिली है। बीएड कोर्स की मान्यता रद्द होने के बाद यह मामला पुनः अदालत पहुंचा था, जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने अंतरिम आदेश जारी किया है।
न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद अधिनियम, 1993 की धारा 14(5) और 17(3) के अनुसार, यदि किसी संस्थान की मान्यता वापस ली जाती है तो कोर्स तत्काल बंद नहीं होता, बल्कि अगले शैक्षणिक सत्र के अंत से लागू होता है। यह तथ्य पूर्व में एकल न्यायाधीश के समक्ष पूरी तरह प्रस्तुत नहीं किया गया था।
अदालत ने कहा कि वर्तमान बीएड सत्र सितंबर 2025 से शुरू हुआ है और यह दो वर्षीय पाठ्यक्रम है। ऐसे में जिन छात्रों की पढ़ाई जारी है, उन्हें बीच में बाधित नहीं किया जाना चाहिए।
न्यायालय ने छात्रों को विकल्प दिया है कि
* यदि वे चाहें तो वल्लभ कॉलेज में ही पढ़ाई जारी रख सकते हैं और अपनी परीक्षाएं अपनी पसंद के अन्य संस्थानों में दे सकते हैं।
* वहीं, यदि छात्र 1 अप्रैल 2026 की अधिसूचना के अनुसार अन्य कॉलेजों में स्थानांतरण चाहते हैं, तो यह उनका व्यक्तिगत विकल्प होगा।
अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए उचित व्यवस्था की जाए। विशेष रूप से मंडी और कुल्लू जिलों के अन्य संस्थानों में परीक्षा देने की सुविधा सुनिश्चित करने को कहा गया है।
इस मामले में 51 छात्रों द्वारा अपनी पसंद पहले ही दर्ज कराई जा चुकी है, जिनमें से कई इस अपील के पक्षकार भी हैं।
अंत में न्यायालय ने सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 28 मई 2026 के लिए निर्धारित की है।
